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मध्य प्रदेश के निवासी को छत्तीसगढ़ में नियम विरुद्ध दी गई नियुक्ति, DEO की जांच में पुष्टि
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बर्खास्तगी की स्पष्ट अनुशंसा के बावजूद संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय ने साधी चुप्पी
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दस्तावेज दबाने और RTI में गुमराह करने का आरोप, अब संभाग आयुक्त तक पहुंची शिकायत
अंबिकापुर / वाड्रफनगर/रामहरि गुप्ता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग अंतर्गत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े और अफसरों की संदिग्ध कार्यप्रणाली का बड़ा मामला सामने आया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेंडारी (विकासखंड वाड्रफनगर) में पदस्थ एक अतिथि शिक्षक का चयन जांच में पूरी तरह फर्जी साबित हो चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल सेवा समाप्ति की स्पष्ट अनुशंसा कर दी है, लेकिन संयुक्त संचालक (JD) शिक्षा कार्यालय की मेहरबानी से आरोपी शिक्षक अब भी पद पर बना हुआ है। अब इस पूरे खेल के खिलाफ संभाग आयुक्त से उच्च स्तरीय शिकायत दर्ज कराई गई है।
मध्य प्रदेश के निवासी को दे दी नियुक्ति, नियमों की उड़ी धज्जियां
सक्ती जिले के मसानिया कला निवासी मयंक सिंह ने 12 मई 2026 को आयुक्त सरगुजा संभाग को शिकायत सौंपी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पेंडारी स्कूल में पदस्थ अतिथि शिक्षक राजपति यादव मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी हैं और स्थानीय पात्र युवाओं के हक पर डाका डालकर नियमों को ताक पर रखते हुए उनका चयन कराया गया।
DEO की जांच रिपोर्ट में खुली पोल, बर्खास्तगी की हुई थी मांग
आयुक्त के निर्देश पर शुरू हुई जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बलरामपुर-रामानुजगंज ने 29 सितंबर 2026 को जांच प्रतिवेदन (क्रमांक/9491/स्कूल शिक्षा/जांच/2026) सौंपा।
रिपोर्ट में स्पष्ट प्रमाणित हुआ कि:
- राजपति यादव छत्तीसगढ़ के मूल निवासी नहीं हैं।
- उनका चयन शासन के भर्ती नियमों का खुला उल्लंघन है।
- चयन पूरी तरह अवैध होने के कारण उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएं।
JD कार्यालय के बाबू पर फाइल दबाने और गुमराह करने का आरोप
दोष सिद्ध होने और स्पष्ट रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई न होने पर विभाग की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि संयुक्त संचालक (JD) कार्यालय अंबिकापुर की जांच शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास यादव अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आरोपी शिक्षक को खुला संरक्षण दे रहे हैं। आरोप यह भी है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारियों में भी जानबूझकर भ्रामक और गलत तथ्य दिए जा रहे हैं।
संभाग आयुक्त से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
विभागीय साठगांठ से नाराज शिकायतकर्ता ने आयुक्त सरगुजा संभाग से लिखित शिकायत कर सख्त कदमों की मांग की है:
- जवाबदेही तय हो: DEO का स्पष्ट जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद भी अब तक कार्रवाई क्यों दबाकर रखी गई?
- जिम्मेदारों पर कार्रवाई: फाइल अटकाने और आरोपी शिक्षक को बचाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
- बाबू की भूमिका की समीक्षा: संरक्षण देने के आरोपी सहायक ग्रेड-3 विकास यादव की भूमिका की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो।
- लिखित विवरण: पूरे प्रकरण में अब तक हुई प्रगति और अंतिम कार्रवाई से शिकायतकर्ता को लिखित में सूचित किया जाए।
जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद भी प्रशासनिक सुस्ती यह दर्शाती है कि शिक्षा महकमे में किस कदर रसूख का खेल चल रहा है। अब देखना यह है कि संभाग आयुक्त इस खुली मिलीभगत पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं।
Author: Man Tantra 24










