कठौतिया–जनकपुर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने, तत्काल मरम्मत और चौड़ीकरण की मांग; मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख, घायलों को भी मुआवजा देने की उठी आवाज
MCB/सुनील शर्मा| छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सात लोगों की मौत और 40 से अधिक लोगों के घायल होने वाली भीषण बस दुर्घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। केल्हारी तहसील के ग्राम रोजी के समीप हुए इस दर्दनाक हादसे ने कठौतिया–जनकपुर मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिला प्रशासन के सामने मोर्चा खोलते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत, चौड़ीकरण और मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग उठाई है।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष केबल सिंह मरकाम और जिला महासचिव शेख इस्माइल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। संगठन ने कलेक्टर के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा जिला प्रशासन के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर सड़क सुरक्षा, मुआवजे और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दे उठाए।
120 किलोमीटर का मार्ग, लेकिन सड़क की हालत पर गंभीर सवाल

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला महासचिव शेख इस्माइल के मुताबिक, कठौतिया–जनकपुर मार्ग लगभग 120 किलोमीटर लंबा है और वर्तमान में सिंगल सड़क होने के कारण यहां आवागमन के दौरान परेशानियों और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सड़क के किनारों पर बड़े-बड़े गड्ढे, अपर्याप्त चौड़ाई और वाहनों का बढ़ता दबाव स्थिति को और गंभीर बनाते हैं।
यह मार्ग भरतपुर, कोटाडोल और केल्हारी क्षेत्र को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस पर प्रतिदिन यात्री बसों, भारी वाहनों और आम नागरिकों का आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
शेख इस्माइल ने कहा कि दुर्घटनाओं के बाद केवल औपचारिक मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। सड़क का तकनीकी सर्वेक्षण कराकर पर्याप्त चौड़ाई, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और प्रभावी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पहले भी केंद्रीय मंत्री के सामने उठ चुका है मामला
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अनुसार, कठौतिया–जनकपुर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और इसके चौड़ीकरण की मांग लगभग एक वर्ष पहले भी उठाई गई थी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम और भरतपुर-सोनहत क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रत्याशी श्याम सिंह मरकाम ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया था।
अब पार्टी ने पूर्व में दिए गए आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने, प्रस्ताव को आगे बढ़ाने और संबंधित केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष इस मांग को प्राथमिकता से रखने की अपील की है।
सात मृतकों के परिवारों को 15-15 लाख रुपये देने की मांग
बस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मांग की है कि:
- दुर्घटना में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
- गंभीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिले।
- सामान्य रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
- दुर्घटनास्थल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, सड़क की पट्टियां और गति सीमा के संकेतक लगाए जाएं।
पार्टी का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना जरूरी है, ताकि आम लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
चिरमिरी–चैनपुर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल
ज्ञापन के माध्यम से चिरमिरी–चैनपुर सड़क निर्माण कार्य को लेकर भी चिंता जताई गई है। शेख इस्माइल ने आरोप लगाया कि लगभग एक वर्ष से चल रहे निर्माण कार्य में अनियमितताएं हुई हैं और इस संबंध में समय-समय पर संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई है।
उनके अनुसार, सड़क के कुछ हिस्सों में धंसाव, बारिश के बाद गड्ढे और आवागमन के दौरान धूल उड़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इससे लोगों को परेशानी होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है।
पार्टी ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों को तत्काल दुरुस्त करने और अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। हालांकि, निर्माण में अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
जिले में परिवहन कार्यालय नहीं होने पर भी उठाए सवाल
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के गठन के चार वर्ष बाद भी जिला परिवहन कार्यालय नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए इसे सड़क सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्या बताया है।
शेख इस्माइल के अनुसार, यह क्षेत्र काफी हद तक सड़क परिवहन पर निर्भर है और प्रतिदिन लगभग 50 से अधिक बसों का संचालन होता है। ऐसे में वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट, चालक लाइसेंस और बसों की निर्धारित यात्री क्षमता की जांच बेहद जरूरी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिले में परिवहन कार्यालय ही नहीं है, तो वाहनों की नियमित निगरानी और नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की व्यवस्था कितनी मजबूत है? पार्टी का मानना है कि परिवहन व्यवस्था की निगरानी में कमी सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।
संगठन ने मांग की है कि जिले में परिवहन कार्यालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ वाहनों की नियमित जांच और यातायात नियमों के पालन को प्रभावी बनाया जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से कठौतिया–जनकपुर मार्ग की तत्काल मरम्मत, तकनीकी सर्वेक्षण के आधार पर चौड़ीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की प्रक्रिया में पहल, चिरमिरी–चैनपुर सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और जिले में परिवहन कार्यालय की व्यवस्था करने की मांग की है।
शेख इस्माइल ने कहा कि यह मामला केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा है। यदि जनहित के इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष केबल सिंह मरकाम, जिला महासचिव शेख इस्माइल, जिला कार्यकारिणी सदस्य बाबूलाल, नगर महासचिव नंदकुमार आयाम, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष जगजीवन सिंह, शहरी प्रभारी सुक्खू राम ध्रुवे, राजेश बंसल सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं। सात लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के बाद सड़क सुरक्षा से जुड़े इन सवालों पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
Author: Man Tantra 24









