Mantantra24

पोंडी में पटाखा बिक्री विवाद पर पंचायत का रुख स्पष्ट, अब सभी विक्रेताओं को मिलेगा समान अवसर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पोंडी में पटाखा बिक्री विवाद का पटाक्षेप: सचिव के आश्वासन के बाद सुलझा मामला, बाहरी विक्रेताओं को भी मिलेगी NOC

वायरल वीडियो और ग्रामसभा के कथित प्रतिबंधात्मक प्रस्ताव के बाद गरमाया था मामला; पंचायत सचिव ने कहा—आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अगले दिन जारी होगी NOC, किसी के साथ नहीं होगा भेदभाव

पोंडी बचरा/कोरिया/सुनील शर्मा। दीपावली के दौरान पटाखा बिक्री को लेकर ग्राम पंचायत पोंडी में उपजा विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में सरपंच पति और पटाखा विक्रेता के बीच तीखी बहस दिखाई दी थी। विवाद की मुख्य वजह दूसरे ग्राम पंचायत के विक्रेता को पोंडी में पटाखा बेचने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने का मुद्दा था। मामला गरमाने के बाद ग्रामसभा के अनुमोदन से संबंधित एक दस्तावेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद आसपास के गांवों के पटाखा विक्रेताओं ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए।

हालांकि, अब ग्राम पंचायत सचिव की ओर से सभी विक्रेताओं को समान अवसर देने का आश्वासन दिए जाने के बाद व्यापारियों में राहत और खुशी का माहौल है।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद, NOC बना बहस की वजह

जानकारी के अनुसार, दीपावली के दौरान पोंडी में पटाखा बेचने को लेकर एक विक्रेता और सरपंच पति के बीच विवाद हुआ था। वायरल वीडियो में विक्रेता दूसरे ग्राम पंचायत का निवासी होने के कारण NOC की मांग करता दिखाई दिया, जबकि सरपंच पति की ओर से NOC देने या नहीं देने के अधिकार को लेकर बहस होती नजर आई।

विक्रेता का तर्क था कि उसके पास पटाखा बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस होने की स्थिति में उसे केवल दूसरे ग्राम पंचायत का निवासी होने के आधार पर कारोबार से नहीं रोका जाना चाहिए। वहीं, पंचायत स्तर पर NOC की आवश्यकता और उसे जारी करने के अधिकार को लेकर विवाद बढ़ता गया। मामला थाने तक पहुंचने की चर्चा के बीच ग्रामसभा के अनुमोदन से संबंधित एक दस्तावेज भी वायरल हो गया।

ग्रामसभा के दस्तावेज से बढ़ी दूसरे गांवों के व्यापारियों की चिंता

वायरल दस्तावेज में दूसरे ग्राम पंचायतों के पटाखा विक्रेताओं को पोंडी में बिक्री नहीं करने देने संबंधी प्रस्ताव की बात सामने आने के बाद आसपास के गांवों के व्यापारियों ने आपत्ति जताई।

व्यापारियों का कहना है कि पोंडी बचरा क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां आसपास की 33 ग्राम पंचायतों के लोग खरीदारी और विभिन्न व्यवसायों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दूसरे गांवों के विक्रेताओं को पटाखा बेचने से रोकने वाली व्यवस्था उनके रोजगार और व्यापार के अवसरों को प्रभावित कर सकती है।

व्यापारियों ने यह भी तर्क दिया कि पटाखा बिक्री के लिए संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी वैध लाइसेंस और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, पंचायत की भूमिका बिक्री के लिए उपयुक्त और सुरक्षित स्थान निर्धारित करने तथा व्यवस्था बनाए रखने में होनी चाहिए, न कि किसी विक्रेता के साथ उसके गांव के आधार पर भेदभाव करने में।

कुछ व्यापारियों ने आशंका जताई कि यदि दूसरे गांवों के विक्रेताओं को बाहर रखा जाता है, तो इससे स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों को ही व्यापार करने का अधिक अवसर मिल सकता है। हालांकि, इस आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पंचायत सचिव का आश्वासन—आवेदन करें, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मिलेगी NOC

मामले पर ग्राम पंचायत सचिव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल वे पंचायत में उपस्थित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने सभी विक्रेताओं को समान अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

सचिव के अनुसार, पटाखा बेचने के इच्छुक सभी विक्रेता ग्रामसभा में उपस्थित होकर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उनके दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अगले ही दिन ग्राम पंचायत की ओर से NOC जारी कर दी जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार सभी के लिए खुला है और किसी भी विक्रेता के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। सचिव के इस बयान के बाद उन व्यापारियों को राहत मिली है, जो वायरल दस्तावेज के बाद पोंडी में पटाखा बेचने को लेकर असमंजस में थे।

रोजगार के अवसर और सुरक्षा—दोनों का संतुलन जरूरी

पोंडी बचरा पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। दीपावली जैसे बड़े त्योहार के दौरान यहां पटाखों की बिक्री से कई छोटे व्यापारियों को रोजगार और आमदनी का अवसर मिलता है। ऐसे में व्यापारियों के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और समान नियम होना जरूरी है।

हालांकि, पटाखों की बिक्री ज्वलनशील सामग्री से जुड़ी होने के कारण सुरक्षा मानकों, वैध लाइसेंस, निर्धारित स्थान और लागू प्रशासनिक नियमों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पंचायत और संबंधित प्रशासन के समन्वय से ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है, जिसमें सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ किसी पात्र विक्रेता के साथ अनुचित भेदभाव भी न हो।

फिलहाल पंचायत सचिव के आश्वासन के बाद आसपास के गांवों के विक्रेताओं में हर्ष का माहौल है। व्यापारियों ने समान अवसर देने की बात कहने पर सरपंच और सचिव के प्रति आभार जताया है।

Man Tantra 24
Author: Man Tantra 24

Leave a Comment

और पढ़ें