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ब्रेकिंग न्यूज़: निलंबन के बाद बहाली और मनचाही पोस्टिंग! शिक्षा विभाग में आखिर क्या चल रहा है?

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ब्रेकिंग न्यूज़: निलंबन के बाद बहाली और मनचाही पोस्टिंग! शिक्षा विभाग में आखिर क्या चल रहा है?

बलरामपुर में दो शिक्षकों की बहाली और नवीन पदस्थापना पर उठे सवाल, राम हरि गुप्ता ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग; दस्तावेजों की पड़ताल और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की अपील

बसंतपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक नई शिकायत सामने आई है। निलंबित दो शिक्षकों की बहाली और उसके बाद नई जगह पर पदस्थापना को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ग्राम बसंतपुर निवासी राम हरि गुप्ता ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि आखिर बहाली और पदस्थापना की प्रक्रिया किस आधार पर पूरी की गई और इसमें निर्धारित विभागीय नियमों का पालन हुआ या नहीं?

निलंबन के बाद नई पदस्थापना, शिकायत में किन शिक्षकों का जिक्र?

कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, शिक्षक मुकेश कुमार कश्यप की मूल पदस्थापना माध्यमिक शाला गोबरा में बताई गई है। शिकायत में निलंबन के बाद उनकी पदस्थापना माध्यमिक शाला चाचीडांड़ (कोटराही) में किए जाने का उल्लेख है।

वहीं, शिक्षक मदन गुप्ता की मूल पदस्थापना माध्यमिक शाला महुआरिपारा, बसंतपुर बताई गई है। आवेदन के मुताबिक, निलंबन के बाद उन्हें माध्यमिक शाला पेंडारी में पदस्थ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन दोनों मामलों में बहाली और नई पदस्थापना की प्रक्रिया को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाते हुए प्रशासन से संबंधित आदेशों और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी होने पर उठे सवाल

शिकायत में दावा किया गया है कि दोनों शिक्षकों के निलंबन के बाद लगभग एक सप्ताह के भीतर बहाली और नई पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी की गई। इसी समयावधि और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर आवेदक ने स्पष्टीकरण मांगा है।

शिकायतकर्ता की मांग है कि यह पता लगाया जाए कि बहाली एवं पदस्थापना के प्रस्ताव किस स्तर पर तैयार किए गए, किन अधिकारियों ने उनका अनुमोदन किया और आदेश जारी करने से पहले निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन आदेशों के पीछे पूरी तरह नियमसम्मत प्रक्रिया अपनाई गई थी? इसका जवाब संबंधित विभागीय अभिलेखों की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

कलेक्टर से जांच टीम गठित करने की मांग

राम हरि गुप्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच टीम गठित करने की मांग की है। उन्होंने निलंबन आदेश, बहाली आदेश, नवीन पदस्थापना आदेश, संबंधित प्रस्ताव, नोटशीट और सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की अपील की है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या विभागीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पारदर्शिता पर टिकी निगाहें, जवाब का इंतजार

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मामले में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा जांच पूरी होने के बाद जांच प्रतिवेदन और की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी की है।

शिक्षा विभाग से जुड़े इस मामले में अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। यदि शिकायत में उठाए गए सवालों की जांच होती है, तो बहाली और पदस्थापना की पूरी प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका तथा नियमों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल, ये सभी सवाल शिकायतकर्ता द्वारा आवेदन में उठाए गए हैं। किसी भी अनियमितता की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है और संबंधित विभाग एवं अधिकारियों का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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Author: Man Tantra 24

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