Mantantra24

हाईकोर्ट में मामला लंबित, फिर भी नहीं रुका निर्माण! अब शिकायतकर्ता ने कलेक्टर संजय जैन से लगाई गुहार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जिलाहड़ी की विवादित पीसीसी सड़क पर 500 मीटर नए निर्माण का आरोप, कहा— मूल साक्ष्य मिटाने की हो रही कोशिश

मऊगंज/न्यूज डेस्क। जनपद पंचायत नईगढ़ी की ग्राम पंचायत जिलाहड़ी में वर्ष 2018 में निर्मित सुदूर ग्राम संपर्क सड़क को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के बावजूद विवादित सड़क पर 500 मीटर नई पीसीसी सड़क का निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता पूनम सिंह ने अब 3 अगस्त 2026 को मऊगंज कलेक्टर संजय जैन को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम बदीगवां से पानीगांव बाहरा तक लगभग 11.42 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2018 में सड़क का निर्माण कराया गया था और कार्य पूर्ण होने के बाद उसका पूर्णता प्रमाणपत्र भी जारी किया गया था। बाद में सड़क निर्माण को लेकर शिकायतें हुईं, जांच हुई, वसूली के आदेश जारी हुए और मामला अंततः मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया, जहां यह वर्तमान में विचाराधीन है।

Oplus_16908288

500 मीटर नई सड़क बनने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान सरपंच बाबूलाल कोल और सचिव साधना साकेत द्वारा उसी विवादित सड़क पर जगदंबा के घर से हरिजन बस्ती तक लगभग 500 मीटर पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने सरपंच और सचिव को पूर्णता प्रमाणपत्र, संबंधित दस्तावेज तथा हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश भी दिखाया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बातचीत के दौरान कहा गया कि “मुझे न्यायालय के आदेश से कोई फर्क नहीं पड़ता।” इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पहले CEO को, अब कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में 30 जुलाई 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नईगढ़ी को भी लिखित शिकायत दी गई थी। कार्रवाई नहीं होने पर अब 3 अगस्त 2026 को कलेक्टर संजय जैन को शिकायत देकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता की सबसे बड़ी चिंता

शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस सड़क का निर्माण पहले से पूर्ण दर्शाया जा चुका है और जिसका विवाद न्यायालय में लंबित है, उसी पर दोबारा निर्माण होने से मूल भौतिक साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि यदि पुराने निर्माण के ऊपर नया निर्माण कर दिया गया तो भविष्य में यह जांच करना कठिन हो जाएगा कि वर्ष 2018 में सड़क वास्तव में बनी थी या नहीं।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कलेक्टर को शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या विवादित स्थल पर निर्माण कार्य रोका जाएगा या मामला न्यायालय में लंबित रहने के बावजूद निर्माण जारी रहेगा? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

Man Tantra 24
Author: Man Tantra 24

Leave a Comment

और पढ़ें