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“बिहार दिवस मना सकते हैं, लेकिन विश्व आदिवासी दिवस पर छुट्टी नहीं” — गुलाब कमरों का सरकार पर निशाना

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मनेंद्रगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य आयोजन, पारंपरिक वेशभूषा में उमड़े लोग; रैली के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक

मनेंद्रगढ़/सुनील शर्मा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को मनेंद्रगढ़ में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी परंपरा, संस्कृति और विरासत की झलक प्रस्तुत की।

कार्यक्रम की शुरुआत भव्य रैली के साथ हुई, जिसके बाद मनेंद्रगढ़ स्थित विमल श्री टॉकीज में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पारंपरिक नृत्य, गीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

इस अवसर पर क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुलाब कमरों मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों से अपने अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों को जानने तथा अपने हक के लिए आवाज उठाने की अपील की।

छुट्टी को लेकर सरकार पर साधा निशाना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुलाब कमरों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार दिवस जैसे अवसरों पर अवकाश घोषित कर सकती है, लेकिन विश्व आदिवासी दिवस पर राज्य में सामान्य अवकाश घोषित नहीं किया गया।

गुलाब कमरों ने इसे आदिवासी समाज के प्रति अन्याय बताते हुए कहा कि जब 9 अगस्त को देश-दुनिया में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जा रहा है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण दिवस पर छुट्टी घोषित नहीं किया जाना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेताओं की अनुपस्थिति दिखाई दी। इसी को लेकर उन्होंने सत्ता पक्ष के नेताओं पर भी राजनीतिक तंज कसा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति और लोक कला को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे प्रतिभागियों ने गीत और नृत्य के माध्यम से अपनी संस्कृति को जीवंत किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने आदिवासी समाज के अधिकार, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को लेकर अपने विचार रखे। वहीं, विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले प्रतिभागियों का पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं की विशेष झलक देखने को मिली।

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Author: Man Tantra 24

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