गुलाब कमरो का पलटवार—“स्वास्थ्य मंत्री जी, चश्मे की जरूरत आपको है, मुझे नहीं”
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB)/सुनील शर्मा। संयुक्त जिला कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण कार्य के भूमिपूजन के साथ ही MCB की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कार्यक्रम को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो द्वारा सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंच से कांग्रेस पर निशाना साधा। इसके बाद गुलाब कमरो ने भी मंत्री के बयान पर तीखा पलटवार किया।
मामला अब महज कलेक्टर कार्यालय के भूमिपूजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जिले के निर्माण का श्रेय, कार्यालय की लोकेशन, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और विकास कार्यों की उपलब्धियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
भूमिपूजन की तैयारियों और प्रोटोकॉल पर कमरो के सवाल
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि कलेक्टर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ जल्दबाजी में किया गया। उनका कहना है कि कार्यक्रम के लिए न तो उचित प्रोटोकॉल का पालन किया गया, न आमंत्रण पत्र जारी किए गए और न ही क्षेत्र के सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया।
कमरो ने उन लोगों की उपेक्षा का भी आरोप लगाया, जिन्होंने MCB जिले के गठन की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन किया और संघर्ष किया था। उनका कहना है कि जिले के निर्माण के पीछे जिन लोगों का संघर्ष रहा, उन्हें ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर सम्मानपूर्वक शामिल किया जाना चाहिए था।
कलेक्टर कार्यालय की लोकेशन पर भी उठाए सवाल
गुलाब कमरो ने कलेक्टर कार्यालय के लिए चुने गए स्थान पर भी सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक उन्होंने कई बार मांग की थी कि कार्यालय ऐसी जगह बनाया जाए, जहां जनकपुर, कोटाडोल और भरतपुर जैसे दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सुविधा हो और राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप होने से आवागमन आसान रहे।
कमरो ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों से पर्याप्त चर्चा नहीं हुई और जनता की सुविधा को लेकर सुझावों पर विचार नहीं किया गया, तो प्रशासन को इतनी जल्दी भूमिपूजन करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
मंत्री श्याम बिहारी ने मंच से दिया जवाब
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने MCB को केवल कलेक्टर और एसपी दिए थे, जबकि कार्यालयों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गईं।
कलेक्टर कार्यालय की लोकेशन को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि जनकपुर और कोटाडोल से लोग पांच किलोमीटर आगे भी जा सकते हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि हाईवे के पास जिला पंचायत कार्यालय का निर्माण हो रहा है और जहां जमीन उपलब्ध हुई है, वहां कलेक्टर, एसपी, खनिज और परिवहन विभाग सहित अन्य कार्यालय बनाए जाएंगे।
विकास कार्यों पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधते हुए मंत्री ने “पावर वाला चश्मा” लगाने की बात कही। उन्होंने भरतपुर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए करीब 1000 करोड़ रुपये के विकास कार्य होने का दावा भी किया।
मंत्री के बयान पर कमरो का पलटवार
मंत्री के बयान के बाद पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“स्वास्थ्य मंत्री जी, चश्मे की जरूरत आपको है, मुझे नहीं।”
कमरो ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने MCB जिले का निर्माण नहीं किया होता तो आज भाजपा सरकार और मंत्री को कलेक्टर कार्यालय के भूमिपूजन का श्रेय लेने का अवसर ही नहीं मिलता।
उन्होंने भाजपा के 15 वर्ष के शासनकाल को लेकर भी सवाल उठाया। कमरो ने पूछा कि जब प्रदेश में लंबे समय तक भाजपा की सरकार रही और श्याम बिहारी जायसवाल स्वयं विधायक रहे, तब MCB जिला क्यों नहीं बनाया गया और कलेक्टर कार्यालय का भूमिपूजन क्यों नहीं हुआ?
“जिला कांग्रेस सरकार ने बनाया, अब श्रेय लेने भाजपा मैदान में”
सड़क निर्माण के मुद्दे पर भी गुलाब कमरो ने मंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि भरतपुर क्षेत्र में जिन सड़कों को लेकर भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, उनमें क्षेत्र की सांसद और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कमरो ने कहा—
“जनता सब देख रही है—जिला कांग्रेस सरकार ने बनाया, सड़कें सांसद के प्रयासों से आ रही हैं और अब श्रेय लेने भाजपा मैदान में उतर गई है।”
“ग्रामीणों के लिए पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी आसान नहीं”
मंत्री के उस बयान पर भी कमरो ने आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब लोग जनकपुर और कोटाडोल से इतनी दूरी तय कर सकते हैं तो पांच किलोमीटर और आगे क्यों नहीं जा सकते।
कमरो ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की वास्तविक परिस्थितियों को समझना जरूरी है। साधन-विहीन ग्रामीणों के लिए पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करना उतना आसान नहीं है, जितना इसे मंच से बताया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ग्रामीणों की समस्याओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बयान देना चाहिए।
MCB के संघर्ष का श्रेय किसे?—अब सियासत इसी सवाल पर
कलेक्टर कार्यालय के भूमिपूजन के बहाने MCB की राजनीति में एक पुराना सवाल फिर सामने आ गया है—जिले के निर्माण का श्रेय किसे दिया जाए?
गुलाब कमरो का कहना है कि MCB जिला जनता के लंबे संघर्ष, आंदोलन और जनभावनाओं का परिणाम है। इसलिए जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण के अवसर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन लोगों के सम्मान का अवसर भी होने चाहिए, जिन्होंने जिले के गठन के लिए संघर्ष किया।
हालांकि, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल विकास कार्यों को प्राथमिकता बताते हुए सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं। ऐसे में भूमिपूजन के बाद शुरू हुई यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।
फिलहाल MCB की सियासत में सवाल सिर्फ कलेक्टर कार्यालय की जगह का नहीं है—सवाल यह भी है कि जिले के निर्माण और विकास की राजनीतिक विरासत आखिर किसके नाम जाएगी?
Author: Man Tantra 24









