जश्न में डूबी ‘डबल इंजन’ सरकार, इधर 3 साल में ही पाताल में समा गया विकास: कोरिया के चरचा में भ्रष्टाचार की खुली पोल, सड़क बनी ‘दीवार’
कोरिया (छत्तीसगढ़)/सुनील शर्मा: एक तरफ प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ‘सेवा पखवाड़ा’ और करोड़ों के दीये जलाकर सरकारी तंत्र अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है, तो दूसरी तरफ ‘डबल इंजन’ के कथित विकास का मॉडल जमीनी स्तर पर भरभरा कर गिर रहा है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के शिवपुर चरचा से आई ये तस्वीरें सरकार के “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” के दावों का सीधा मखौल उड़ा रही हैं। महज 3 साल पहले रेलवे और प्रशासनिक अमले की देखरेख में बनी सड़क और पुलिया ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

प्रचार की चकाचौंध बनाम जमीनी बर्बादी

करोड़ों का बजट, घटिया सामग्री:-
सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि कमीशनखोरी के खेल में बना यह पुल 36 महीने भी नहीं झेल पाया।
सड़क पर खड़ी हो गई ‘कमीशन की दीवार’:-

तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पुलिया का मुख्य ढांचा ध्वस्त होकर गहरे नाले में समा गया है और डामर की सड़क किसी दीवार की तरह सीधी ऊपर उठ गई है। अगर उस वक्त कोई स्कूल बस या राहगीर गुजर रहा होता, तो इस सरकारी लापरवाही की कीमत मासूमों को जान देकर चुकानी पड़ती।
रेलवे और स्थानीय प्रशासन पर सवाल:-
केंद्र सरकार के अधीन आने वाले रेलवे विभाग और स्थानीय प्रशासन की सांठगांठ का नतीजा है कि निर्माण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।
इवेंटबाजी छोड़ जवाबदेही तय करे सत्ता
जनता का टैक्स इवेंट्स और जश्न में झोंकने वाली सरकार को अब यह बताना चाहिए कि जनता की जान जोखिम में डालने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर बुलडोजर कब चलेगा? जब तक कमीशनखोरी की इस दीमक को सिस्टम से बाहर नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे ही चंद महीनों में नए पुल और सड़कें ‘बोलती बंद’ करते रहेंगे।
Author: Man Tantra 24










