अल्टीमेटम और बढ़ते आक्रोश के बीच पुलिस ने संभाला मोर्चा, साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और पोंडी-बचरा चौकी की टीम ने मिलकर सुलझाई पूरी गुत्थी
कोरिया/पोंडी/सुनील शर्मा। रविवार की सुबह कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाली पोंडी तहसील में गोवंश के अवशेष मिलने की खबर सामने आते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मामला ग्रामीणों के आक्रोश से निकलकर हिंदू संगठनों, भाजपा और कांग्रेस के प्रतिनिधियों तक पहुंच गया। सभी की ओर से पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बनाया गया और कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी गई।
लेकिन इस चुनौती के बीच कोरिया पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उसने पूरे मामले को महज 30 घंटे के भीतर एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने खुद कमान संभाली और तत्काल विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और पोंडी-बचरा चौकी की पुलिस टीम को अलग-अलग स्तर पर काम में लगाया गया। पुलिस टीम ने उपलब्ध सुरागों, तकनीकी जानकारी और मौके से मिले साक्ष्यों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई।

नतीजा सामने आया—महज 30 घंटे के अंदर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले चुनौती, फिर पुलिस का जवाब
घटना सामने आने के बाद इलाके में जिस तरह से आक्रोश बढ़ रहा था, वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर स्पष्ट तौर पर चार दिन का अल्टीमेटम दिया था।
इसके बाद भाजपा पदाधिकारियों ने भी पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। कांग्रेस के प्रतिनिधियों की ओर से भी मामले को लेकर कार्रवाई की मांग की गई।

यानी पुलिस के सामने एक तरफ घटना की गुत्थी सुलझाने की चुनौती थी, तो दूसरी तरफ पूरे क्षेत्र में बढ़ रहे आक्रोश और तनाव के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी थी।
इसी चुनौती के बीच पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने टीम को स्पष्ट दिशा दी और जांच को तेजी से आगे बढ़ाया।
26 सितंबर की शाम से शुरू हुई पूरी कहानी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 26 सितंबर की शाम करीब 5 बजे आरोपियों द्वारा एक गाय को रस्सी से बांधकर रखा गया था। इसके बाद रात करीब 8 बजे कथित तौर पर गाय की हत्या कर उसके मांस को अलग-अलग लोगों के बीच बांटकर घर ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों द्वारा घर ले जाए गए मांस को पकाकर सेवन किया गया। अगले दिन भी बचे हुए मांस का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही थी।
लेकिन रविवार की सुबह जैसे ही गोवंश के अवशेष मिलने की खबर सामने आई और मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना, उसके बाद आरोपियों में भी घबराहट पैदा होने की बात सामने आई।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने गोवंश के मांस से जुड़े अवशेषों को पास के नाले के आसपास ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
यहीं से पुलिस की जांच ने तेजी पकड़ी।
साइबर सेल ने जोड़े सुराग, डॉग स्क्वायड ने भी संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और चौकी पोंडी-बचरा की पूरी टीम को जांच में लगाया गया।
साइबर सेल ने तकनीकी स्तर पर सुराग जुटाए तो डॉग स्क्वायड की मदद से मौके और संदिग्ध स्थानों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अपने-अपने स्तर पर मिली जानकारी को आपस में जोड़ते हुए संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया।
जांच के दौरान पुलिस को उस स्थान की जानकारी मिली जहां कथित तौर पर मांस का सेवन किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मौके से गोवंश के मांस से संबंधित सामग्री जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
30 घंटे में पांच गिरफ्तारी—पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बढ़ाया भरोसा
जिस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में आक्रोश था और पुलिस को चार दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, उसी मामले में पुलिस ने चार दिन पूरे होने का इंतजार नहीं किया।
पुलिस टीम ने लगातार काम करते हुए करीब 30 घंटे के अंदर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश लगातार बढ़ रहा था। ऐसे समय में पुलिस ने दबाव के बीच संयम रखते हुए तकनीकी जांच और जमीनी पड़ताल दोनों को साथ लेकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
कौन-कौन आरोपी गिरफ्तार?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में—
धर्मेंद्र पिता श्यामलाल निवासी बैरदांड, संजय पिता लालू निवासी बैरदांड, सुभाष पिता हेत कुमार, विक्की पिता कृष्णा निवासी बैरदांड और एक नाबालिग शामिल हैं।
नाबालिग के मामले में नियमानुसार अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
क्या है सजा का प्रावधान?
आपके बताए कानूनी प्रावधानों को खबर में लिखते समय एक महत्वपूर्ण सुधार जरूरी है। BNS की धारा 325 में पशु को मारने, विष देने, अपंग करने या बेकार करने जैसे कृत्य पर अधिकतम 5 वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
वहीं छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4 में कृषिक पशुओं के वध पर रोक है। संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन पर 7 वर्ष तक के कारावास या ₹50 हजार तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।
मामले में आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, यह पुलिस की FIR और आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
कौन हैं इस पूरी कार्रवाई के असली हीरो?
30 घंटे के अंदर इस पूरी गुत्थी को सुलझाने में पुलिस कप्तान हरीश राठौर की अगुवाई में गठित टीम ने अहम भूमिका निभाई।
टीम में एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह, डीएसपी मोहसिन खान के साथ साइबर सेल से निरीक्षक अमोल खलखो, आरक्षक अमरेशा सिंह ठाकुर, सजल जायसवाल, अमोल कुजूर और राजेश लकड़ा शामिल रहे।
डॉग स्क्वायड से आरक्षक राम प्रसाद शांडिल, चंद्रकांत सिंह और पैमेंद्र साहू ने मोर्चा संभाला।
वहीं चौकी पोंडी-बचरा से उपनिरीक्षक लावांग सिंह, सहायक निरीक्षक एल.सी. कश्यप, प्रधान आरक्षक सुनील साहू, राजेश पैकरा, आरक्षक रोशन एक्का, अजय सिंह, मनोज पांडे, सुनील मरावी, सूरज कुमार यादव, राजकुमारी आयाम, प्रीति सिंह और विजया सिंह ने जांच में अपनी भूमिका निभाई।
चुनौती बड़ी थी, लेकिन पुलिस टीम ने समय से पहले दिया जवाब
इस पूरे मामले में सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि पुलिस के सामने कार्रवाई के लिए चार दिन का अल्टीमेटम था, लेकिन पुलिस ने चार दिन पूरे होने का इंतजार नहीं किया।
पुलिस कप्तान ने कमान संभाली, टीम मैदान में उतरी, साइबर सेल ने तकनीकी सुराग खंगाले, डॉग स्क्वायड ने मौके पर जांच में मदद की और पोंडी-बचरा की टीम ने जमीनी स्तर पर लगातार कार्रवाई की।
नतीजा—करीब 30 घंटे में पांच गिरफ्तारियां।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश को शांत करने में मदद मिली है, वहीं लोगों के बीच यह भरोसा भी मजबूत हुआ है कि गंभीर मामलों में पुलिस तेजी से कार्रवाई कर सकती है।
अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना की पूरी कड़ी क्या थी, आरोपियों की भूमिका क्या रही और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य अदालत में किस तरह सामने रखे जाते हैं।
फिलहाल, पोंडी के इस मामले में एक बात साफ है—चुनौती बड़ी थी, समय कम था, लेकिन कोरिया पुलिस की टीम ने कमान संभाली और महज 30 घंटे में पांच आरोपियों तक पहुंचकर अपनी कार्रवाई का परिणाम सामने रख दिया।
Author: Man Tantra 24









