शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की शिकार पीड़िता ने दिया बेटे को जन्म; न्याय की राह में पुलिसिया लापरवाही भी आई थी आड़े
वाड्रफनगर/बलरामपुर/रामहरि गुप्ता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से न्याय और संघर्ष की एक बड़ी खबर सामने आई है। बसंतपुर थाना क्षेत्र की एक दुष्कर्म पीड़िता ने वाड्रफनगर अस्पताल में एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया है। यह मामला न केवल एक युवती के साथ हुए धोखे की कहानी है, बल्कि सिस्टम की उस लापरवाही को भी उजागर करता है जहां शुरुआत में पीड़िता की गुहार को अनसुना कर दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
विदित हो कि बसंतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती को गांव के ही एक युवक ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक अपने प्रेम जाल में फंसाए रखा। इस दौरान आरोपी ने युवती का शारीरिक शोषण किया। जब युवती गर्भवती हुई और उसने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया।
थानेदार ने न्याय के बदले दी थी ‘फटकार’
पीड़िता जब न्याय की उम्मीद लेकर बसंतपुर थाने पहुंची, तो तत्कालीन थाना प्रभारी जिेंद्र कुमार सोनी का रवैया संवेदनहीन रहा। आरोप है कि थाना प्रभारी ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बजाय पीड़िता को ही डांट-फटकार लगाई और थाने के भीतर ही जबरन समझौता कराकर उसे वापस भेज दिया।
SP के हस्तक्षेप के बाद मिली राहत
सिस्टम की इस बेरुखी के बाद मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को दी गई। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अनुभागीय अधिकारी (SDOP) वाड्रफनगर ने तत्परता दिखाई। पीड़िता को बुलाकर बयान दर्ज किए गए और तत्काल आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उस समय पीड़िता 7 माह की गर्भवती थी।
अस्पताल में गूंजी किलकारी
बीते 29 अप्रैल 2026 को पीड़िता ने वाड्रफनगर अस्पताल में एक सुंदर बालक को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार:
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- मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
- पीड़िता का उपचार और देखभाल विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है।
संपादन नोट: यह मामला समाज और पुलिस प्रशासन के लिए एक सबक है कि कानून की रक्षा के लिए बैठे जिम्मेदार अधिकारी अगर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटते हैं, तो पीड़ित को न्याय के लिए कितना लंबा संघर्ष करना पड़ता है। फिलहाल, आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है और पीड़िता ने एक नए जीवन को जन्म दिया है
Author: Man Tantra 24










