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 ‘मन तंत्र’ और गरीब परिवार के संघर्ष की बड़ी जीत: झुका प्रशासन, 10 दिन में होगी आवास घोटाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई!

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पत्रकार सुनील शर्मा और पीड़ितों की भूख हड़ताल के आगे बेबस हुआ तंत्र; कैलाशपुर के गरीब परिवार को न्याय दिलाने का मिला लिखित आश्वासन।

[कोरिया / जिला मुख्यालय]/सुनील शर्मा। सच्चाई और साहस के सामने अंततः व्यवस्था को झुकना ही पड़ा। कोरिया जिले के कैलाशपुर में हुए बहुचर्चित ‘अटल आवास घोटाले’ के खिलाफ जिला मुख्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकार सुनील शर्मा और पीड़ितों की तपस्या रंग लाई है। प्रशासन ने लिखित में यह स्वीकार किया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और आगामी 10 दिनों के भीतर दोषियों को सजा दी जाएगी।

शुरुआत से अब तक: अन्याय से न्याय तक का पूरा घटनाक्रम

1. धोखे से छीना गया गरीब का आशियाना:
कैलाशपुर गांव के समयलाल के नाम पर ‘अटल आवास’ स्वीकृत हुआ था। लेकिन भ्रष्टाचार के दीमकों ने धोखाधड़ी कर उस आवास को किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया। हद तो तब हो गई जब आवास के नाम पर शासन की 2 किस्तों का पैसा भी निकाल लिया गया, जबकि पीड़ित परिवार आज भी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
2. कलेक्टर की चौखट पर अनसुनी पुकार:
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर कार्यालय में कई बार शिकायत की, लेकिन भ्रष्टाचार की परतें इतनी मोटी थीं कि कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब व्यवस्था ने हाथ खींच लिए, तब पीड़ित ने ‘मन तंत्र’ और पत्रकार सुनील शर्मा से न्याय की अंतिम गुहार लगाई।
3. पत्रकार सुनील शर्मा का ‘आर-पार’ का ऐलान:
इस अन्याय को देखते हुए पत्रकार सुनील शर्मा ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया। उन्होंने साफ कहा कि “जब तक गरीबों को उनका हक नहीं मिलता, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।” प्रकृति ने भी इस लड़ाई में साथ दिया और काले बादलों के साये में मंगलवार से जिला मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू हुई।
4. 10 दिन का लिखित आश्वासन और जीत:
आंदोलन के बढ़ते दबाव और जनसमर्थन को देख प्रशासन हरकत में आया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पत्रकार सुनील शर्मा को लिखित पत्र सौंपा, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि:
पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच 10 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।

धोखाधड़ी करने वाले दोषियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी।
पीड़ित परिवार को उनके हक का आवास दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

यह लड़ाई अभी रुकी नहीं है” — सुनील शर्मा

प्रशासन के आश्वासन के बाद अनशन खत्म करते हुए सुनील शर्मा ने कहा, “यह जीत उन तमाम गरीबों की है जिनके हक पर डाका डाला जाता है। प्रशासन ने 10 दिन का समय मांगा है, हम इस अवधि का सम्मान करते हैं। लेकिन अगर 10 दिन बाद भी न्याय धरातल पर नहीं दिखा, तो ‘मन तंत्र’ फिर से सड़कों पर होगा।”

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Author: Man Tantra 24

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