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“महिला एवं बाल विकास विभाग बन गया भ्रष्टाचार का अड्डा”—आंगनबाड़ी भर्ती को लेकर गुलाब कमरो का बड़ा हमला

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आंगनबाड़ी भर्ती पर उठे सवाल: आवेदकों ने कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग

पूर्व विधायक गुलाब कमरो बोले – “महिला एवं बाल विकास विभाग बन गया है भ्रष्टाचार का अड्डा”

मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)/सुनील शर्मा। जिले में हाल ही में संपन्न हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप लगाते हुए कई आवेदकों ने कलेक्टर एमसीबी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मनेंद्रगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों की अभ्यर्थी आरती (चैनपुर), कुसुम कली (सिरौली), मीना सिंह (बुंदेली), सुमित्रा (सिरौली), रामवती (परसगढ़ी) और संजुबाई (शंकरगढ़) समेत अन्य आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अंतिम दावा-आपत्ति सूची जारी होने के बाद भी अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को चयन से वंचित कर दिया गया, जबकि कम अंक पाने वालों को नियुक्ति दे दी गई।

अंक निर्धारण में गड़बड़ी का आरोप

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान जाति प्रमाण पत्र एवं गरीबी रेखा सूची के आधार पर मिलने वाले निर्धारित अंकों का भी कई मामलों में सही मूल्यांकन नहीं किया गया। आरोप है कि कुछ पसंदीदा अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पूर्व विधायक से मिले आवेदक

भर्ती से असंतुष्ट आवेदकों ने पूर्व विधायक गुलाब कमरो से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद पूर्व विधायक ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

“विभाग में लगातार सामने आ रही हैं अनियमितताएं” – गुलाब कमरो

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में विभाग से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना, संविदा भर्ती प्रक्रिया और अब आंगनबाड़ी भर्ती सहित विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। यदि जिला प्रशासन जल्द मामले का समाधान नहीं करता है तो उच्च स्तर पर शिकायत कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर पहले भी जांच और कार्रवाई की मांग उठती रही है। ऐसे में अब आवेदकों और आमजन की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती प्रक्रिया में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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Author: Man Tantra 24

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