जर्जर बिजली तार, अघोषित कटौती, गेज नदी पुल की खतरनाक स्थिति और ट्रैफिक जाम की समस्या पर उठी आवाज, जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
बैकुंठपुर/सुनील शर्मा। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बदहाल बिजली व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर नागरिकों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार 4 जून 2026 को शहरवासियों ने जिला कलेक्टर को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि संबंधित विभागों द्वारा जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आम जनता सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है। बढ़ते विद्युत भार के कारण ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नागरिकों ने मांग की है कि क्षमता से अधिक लोड झेल रहे ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलकर मानक क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर वर्षों पुराने और लटकते बिजली तारों को दुर्घटना का बड़ा कारण बताते हुए उन्हें बदलकर सुरक्षित केबल लाइन बिछाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मेंटेनेंस के नाम पर लगातार की जा रही अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान है, जबकि धरातल पर सुधार दिखाई नहीं देता। नागरिकों ने विभाग से मेंटेनेंस कार्यों का सार्वजनिक विवरण जारी करने और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए 24 घंटे संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की मांग की है।
गेज नदी पुल बना दुर्घटनाओं का कारण
शहर के गेज नदी पुल के समीप स्थित टेढ़े मार्ग को लेकर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन के अनुसार पुराने और नए पुल के जुड़ाव के कारण सड़क का स्वरूप असुरक्षित हो गया है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
नागरिकों ने पुल के दोनों ओर हाई विजिबिलिटी रेडियम संकेतक बोर्ड लगाने तथा पुल और सड़क के जंक्शन पर बनने वाले गड्ढों का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार किए जाने वाले पैचवर्क से समस्या खत्म नहीं हो रही है।
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए एसईसीएल मैदान उपयोग का सुझाव
ज्ञापन में शहर में आयोजित होने वाले बड़े शासकीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए वैकल्पिक मैदान की आवश्यकता भी उठाई गई। नागरिकों का कहना है कि अधिकांश आयोजन रामानुज विद्यालय मैदान में होने से मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक जाम और पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इस समस्या के समाधान के लिए खाली पड़े एसईसीएल मैदान को भी सार्वजनिक आयोजनों हेतु आरक्षित करने का सुझाव दिया गया है। नागरिकों का मानना है कि इससे शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
कलेक्टर ने दिया सकारात्मक आश्वासन
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को जिला कलेक्टर ने समस्याओं के निराकरण हेतु सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। अब शहरवासियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि वर्षों से चली आ रही इन मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग कितनी गंभीरता दिखाते हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजसेवी एवं साहित्यकार संवर्त कुमार रूप, पार्षद मंडल अध्यक्ष अनिल खटीक, पार्षद मनीष कुमार सिंह, पार्षद अभिनेंद्र सिंह चंदेल, शहीद अशरफी तथा महेंद्र सिंह सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
Author: Man Tantra 24










