ब्रेकिंग न्यूज़: इस हायर सेकेंडरी स्कूल में भारी बवाल! प्राचार्य पर ‘चहेतों’ को उपकृत करने का आरोप, शिक्षकों ने खोला मोर्चा
शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले बसंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में आज शिक्षा की जगह ‘सियासत’ और ‘आक्रोश’ की गूंज सुनाई दी। स्कूल के प्राचार्य अनंत कुमार यादव पर पक्षपात और मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए स्कूल के शिक्षकों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। मामला इतना गरमा गया है कि शिक्षक अब स्कूल परिसर छोड़कर अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
![]()
क्या है पूरा विवाद? (रजिस्टर में ‘अपनों’ पर मेहरबानी)
शिक्षकों का सीधा और स्पष्ट आरोप है कि प्राचार्य अनंत कुमार यादव स्कूल में “डिवाइड एंड रूल” (बांटो और राज करो) की नीति अपना रहे हैं। आज की घटना ने इस आक्रोश को भड़काने में घी का काम किया।
-
- आरोप: प्राचार्य ने अपने करीबी और चहेते शिक्षकों की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज कर दी, जबकि अन्य शिक्षकों को बिना किसी ठोस कारण के ‘अनुपस्थित’ (Absent) दिखा दिया गया।
- अन्याय की इंतहा: शिक्षकों का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद होने के बावजूद उन्हें गैर-हाजिर दिखाना उनके करियर और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ है।
“या तो सबको उपस्थित करो, या सबको अनुपस्थित! चहेतों की यह राजनीति अब बसंतपुर स्कूल में नहीं चलेगी।” — आक्रोशित शिक्षक
विवादों से पुराना नाता: सवालों के घेरे में प्राचार्य की कार्यप्रणाली
यह पहली बार नहीं है जब बसंतपुर स्कूल सुर्खियों में आया हो। स्थानीय लोगों और स्टाफ की मानें तो यह स्कूल पहले भी कई विवादों की वजह से चर्चा में रहा है। प्राचार्य की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन आज शिक्षकों का धैर्य जवाब दे गया।

चेतावनी: जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
स्कूल परिसर में फिलहाल तनावपूर्ण सन्नाटा और भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिक्षकों ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है:
-
-
- उपस्थिति रजिस्टर में की गई धांधली को तुरंत सुधारा जाए।
- पक्षपातपूर्ण रवैया बंद किया जाए।
- अगर विभाग ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह विरोध स्कूल की चारदीवारी से निकलकर जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा।
-
प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजरें शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं।
-
-
- क्या सक्षम अधिकारी इस तानाशाही पर संज्ञान लेंगे?
- क्या प्राचार्य के खिलाफ जांच कमेटी बिठाई जाएगी?
- या फिर हर बार की तरह यह मामला भी रसूख और फाइलों के नीचे दबा दिया जाएगा?
-
फिलहाल, किसी भी उच्चाधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन बसंतपुर से उठी यह चिंगारी अगर जल्द नहीं बुझाई गई, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकती है।
Author: Man Tantra 24










