वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में बड़ा खेल: वनपाल पर रिश्वत लेकर वनभूमि कब्जा कराने का आरोप, JCB से समतलीकरण जारी
बलरामपुर/रामहरि गुप्ता। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र से भ्रष्टाचार और वन संपदा के दोहन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कुंदी गांव में संरक्षित वनभूमि पर भू-माफियाओं और वन विभाग की मिलीभगत से अवैध कब्जे का खेल चल रहा है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर वर्तमान वनपाल विजय सिंह पर रिश्वत लेकर सरकारी जमीन पर कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
दिनदहाड़े चल रही JCB, प्रशासन का मौन बना चर्चा का विषय
हैरानी की बात यह है कि जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां कुंदी गांव के वन क्षेत्र में दिनदहाड़े जेसीबी मशीनें गरज रही हैं। पहाड़ियों और वनभूमि को समतल कर उसे कब्जे के लायक बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब बिना किसी डर के खुलेआम हो रहा है, जो विभाग के संरक्षण की ओर इशारा करता है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर वन अमला इस कदर बेखबर कैसे रह सकता है?
प्लांटेशन क्षेत्र पर प्रहार: पर्यावरण संरक्षण को ठेंगा
ग्रामीणों के अनुसार, जिस जमीन पर कब्जा कराया जा रहा है, वह पूर्व में विभाग द्वारा विकसित प्लांटेशन (पौधारोपण) क्षेत्र है। यहाँ सालों से शासन द्वारा लाखों खर्च कर वृक्षारोपण किया जाता रहा है। अब जेसीबी चलाकर उन छोटे पौधों और संरक्षित भूमि को नष्ट किया जा रहा है, जिससे न केवल जैव विविधता को खतरा है बल्कि पर्यावरण संरक्षण के सरकारी दावों की भी धज्जियां उड़ रही हैं।
“इतने बड़े स्तर पर जेसीबी का चलना और कब्जा होना बिना उच्च अधिकारियों की मौन सहमति के संभव नहीं है। वनपाल विजय सिंह की इसमें सीधी संलिप्तता है।”
— आक्रोशित ग्रामीण, कुंदी
जांच के घेरे में विभाग: क्या अपनों पर होगी कार्रवाई?
मामला तूल पकड़ते ही विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। एसडीओ (SDO) फॉरेस्ट प्रेमचंद मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित करने की बात कही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि:
जांच टीम जल्द मौके का मुआयना करेगी।
दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।
अवैध कब्जे को तत्काल हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विश्वसनीयता की कसौटी पर प्रशासन
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अक्सर ऐसे मामलों में जांच फाइलों में दबकर रह जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वन विभाग अपने ही “अपनों” पर गाज गिराएगा? यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में वाड्रफनगर परिक्षेत्र की कीमती वनभूमि भू-माफियाओं के हाथों में होगी।
फिलहाल, सबकी नजरें जांच रिपोर्ट और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
Author: mantantra24










