शासकीय आदेश के बाद भी मूल पदस्थापना में नहीं लौटे व्याख्याता! 2 महीने से ड्यूटी से गायब रहने का आरोप, विभागीय कार्रवाई पर उठे सवाल
बलरामपुर-रामानुजगंज/कुसमी। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी में पदस्थ एल.बी. अंग्रेजी व्याख्याता रामपथ यादव को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायत के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 15 जुलाई 2026 को संलग्नीकरण समाप्त कर उन्हें मूल पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कार्यमुक्त किया गया था। इसके बावजूद संबंधित व्याख्याता द्वारा अब तक मूल पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने का आरोप है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, करीब दो महीने से शिक्षक ने न तो मूल पदस्थ संस्था में कार्यभार संभाला और न ही CG VSK ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज की। इस अवधि में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी में अंग्रेजी विषय की पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात कही गई है।
प्राचार्य ने भी विभाग को दी थी सूचना
मामले में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी के प्राचार्य द्वारा 15 सितंबर 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजे जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। शिकायत के अनुसार पत्र के माध्यम से संबंधित व्याख्याता के कार्यभार ग्रहण नहीं करने और वेतन आहरण नहीं किए जाने की जानकारी विभाग को दी गई थी।
इसके बावजूद अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश के बाद भी क्यों नहीं संभाला कार्यभार?
शिकायत में लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, नव रायपुर के 24 फरवरी 2026 के आदेश तथा संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा संलग्नीकरण समाप्त किए जाने का हवाला दिया गया है।
साथ ही, स्कूल शिक्षा विभाग के 29 सितंबर 2025 के स्थानांतरण आदेश के तहत रामपथ यादव को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमी में पदस्थ किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे, तो संबंधित व्याख्याता ने अब तक कार्यभार क्यों नहीं संभाला? और यदि विभाग को इस संबंध में लिखित सूचना भी मिल चुकी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा—नियमों के तहत होगी कार्रवाई
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर ने कहा—
“शासन के निर्देश का पालन होना चाहिए। अगर पालन नहीं होता है तो उसके ऊपर जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी, की जाएगी।”
अब देखना होगा कि विभाग इस शिकायत की जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप सीधे तौर पर शासकीय आदेश के अनुपालन, शिक्षक की उपस्थिति और विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
Author: Man Tantra 24










