जन-संवाद से सुरक्षा की ओर: एमसीबी पुलिस की ‘चलित थाना’ पहल से सशक्त हुआ ग्राम जरौंधा
एमसीबी (छत्तीसगढ़)/सुनील शर्मा: पुलिस महानिदेशक के दिशा-निर्देशों और पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के कुशल नेतृत्व में जिला एमसीबी पुलिस लगातार सामुदायिक पुलिसिंग के नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को थाना खड़गवां के आश्रित ग्राम जरौंधा में ‘चलित थाना’ का सफल आयोजन किया गया, जो पुलिस और आमजन के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी बनकर उभरा।
जागरूकता ही बचाव है: मुख्य संदेश

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह ने ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के प्रति सजग रहने का मंत्र दिया। उन्होंने न केवल कानून की जानकारी दी, बल्कि एक अभिभावक की तरह भविष्य की चुनौतियों से आगाह किया।
- साइबर सुरक्षा: ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
- यातायात अनुशासन: हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने और नाबालिगों को वाहन न देने की सख्त हिदायत दी गई।
- बाल सुरक्षा: स्कूली बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में संवेदनशील जानकारी दी गई, ताकि वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
पुलिस-प्रशासन और जनता का अनूठा संगम
इस गरिमामयी आयोजन में थाना प्रभारी खड़गवां सुनील तिवारी, सरपंच प्रदीप सिंह, सचिव रामाधार साहू, हाई स्कूल के प्रिंसिपल श्री जाटवार, वार्ड पंच एवं भारी संख्या में ग्रामीण जन (लगभग 80-100) उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया।
प्रशंसा का पात्र है प्रशासन:
खड़गवां पुलिस का यह प्रयास दर्शाता है कि खाकी केवल अनुशासन का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज की मित्र और मार्गदर्शक भी है। सुदूर गांवों तक पहुँचकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

निष्कर्ष: ऐसे कार्यक्रमों से न केवल अपराधों में कमी आती है, बल्कि युवाओं को सही दिशा भी मिलती है। श्रीमती रत्ना सिंह और उनकी पूरी टीम का यह समर्पण जिला एमसीबी को अधिक सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Author: mantantra24










