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साहित्य का महाकुंभ: झुमका ओपन थियेटर में 24-25 अक्टूबर को सजेगी कोरिया लिटरेचर फेस्टिवल की महफिल, जुटेंगे देश-प्रदेश के दिग्गज

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  • बैकुंठपुर में जुटेगा कलमकारों और कलाप्रेमियों का जमघट; संगीत, संवाद और कविताओं की बहेगी अविरल धारा
  • कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे महोत्सव का आगाज, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा भी होंगे शामिल
  • दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक निशुल्क रहेगा प्रवेश, सरगुजा से लेकर दिल्ली-यूपी तक के रचनाकार बिखेरेंगे चमक

बैकुंठपुर/सुनील शर्मा: साहित्य, संगीत और कला के शौकीनों के लिए कोरिया की धरती एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। आगामी 24 और 25 अक्टूबर को जिला मुख्यालय बैकुंठपुर स्थित सुरम्य ‘झुमका ओपन थियेटर’ में कोरिया साहित्य महोत्सव (KOSAM) का भव्य चतुर्थ संस्करण आयोजित होने जा रहा है। ‘टीम अभिव्यक्ति’ द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं।

आयोजकों के मुताबिक, इस वर्ष का मंच न केवल नवोदित प्रतिभाओं को पंख देगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा चुके कई मूर्धन्य विद्वान, कवि और संस्कृतिधर्मी भी इस समागम को गरिमामय बनाएंगे।

सुर, ताल और नृत्यों की सतरंगी छटा

झुमका झील के किनारे शाम ढलते ही कला और संस्कृति के रंग खिलेंगे। महोत्सव के दोनों दिन:

  • राष्ट्रीय और स्थानीय ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा शास्त्रीय एवं सुगम गायन-वादन की प्रस्तुतियां होंगी।
  • छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू बिखेरते पारंपरिक लोकनृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

विचारोत्तेजक परिचर्चाएं: समसामयिक मुद्दों से लेकर साहित्य के मर्म तक

कोरिया साहित्य महोत्सव केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि गंभीर बौद्धिक विमर्श का भी केंद्र बनेगा:

  • प्रथम दिवस: बदलते दौर की गंभीर चुनौती—‘बढ़ते साइबर अपराध: सुरक्षा और सावधानी’ विषय पर साइबर विशेषज्ञ और शासन के वरिष्ठ विभागीय प्रमुख गहन संवाद करेंगे।
  • द्वितीय दिवस: शिक्षा जगत के प्रमुख विद्वान और वरिष्ठ साहित्यकार ‘साहित्य के मानक’ तथा ‘छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति व साहित्य’ पर अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।

विराट कवि सम्मेलन: जब शब्दों से सजेगी महफिल

श्रोताओं के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होगा दोनों दिन चलने वाला काव्य पाठ।

  • राष्ट्रीय कवियों की दस्तक: दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न कोनों से पहुंचे एक दर्जन से अधिक शीर्ष कवि अपनी रचनाओं का जादू चलाएंगे।
  • माटी के रचनाकार: सरगुजा से लेकर दुर्ग संभाग तक के 70 से अधिक स्थापित व युवा रचनाकार भी मंच साझा करेंगे।

समारोह के मुख्य अतिथि व विशिष्ट उपस्थिति

  • शुभारंभ (24 अक्टूबर): प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि होंगे। साथ ही विधायक श्री भइयालाल राजवाड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा समेत कई गणमान्य जनप्रतिनिधि मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
  • द्वितीय दिवस (25 अक्टूबर): छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इस दौरान साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों व विभूतियों का नागरिक सम्मान भी किया जाएगा।

दर्शकों के लिए जरूरी जानकारी (Visitor Guide)

  • स्थान: झुमका ओपन थियेटर, बैकुंठपुर (कोरिया)
  • दिनांक: 24 एवं 25 अक्टूबर
  • समय: दोपहर 3:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
  • प्रवेश: सभी कला एवं साहित्य प्रेमियों के लिए पूर्णतः निशुल्क
  • सहयोगी संस्थान: साईंनाथ फाउंडेशन (रायपुर) एवं एसईसीएल (बैकुंठपुर क्षेत्र)

“साहित्य और कला समाज की आत्मा हैं। झुमका की वादियों में शब्दों और धुनों की यह यात्रा हर कलाप्रेमी के लिए यादगार साबित होगी। कोरिया और आसपास के सभी नागरिक सपरिवार इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनें।” — टीम अभिव्यक्ति

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Author: Man Tantra 24

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