शिक्षक पुरस्कार चयन से अतिथि शिक्षक नियुक्ति तक… वाड्रफनगर के शिक्षा विभाग में शिकायतों से मची हलचल!
कलेक्टर जनदर्शन में सुरेंद्र सिंह परस्ते ने उठाए सवाल, एक मामले में बीईओ ने आरोपों को बताया निराधार, दूसरे की जांच जारी
वाड्रफनगर/बलरामपुर/रामहरि गुप्ता। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया और अतिथि शिक्षक नियुक्तियों को लेकर शिकायतों ने शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ा दी है। शिकायतकर्ता सुरेंद्र सिंह परस्ते ने दोनों मामलों में प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कलेक्टर बलरामपुर को लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने संबंधित प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। वहीं, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्याम किशोर जायसवाल ने दोनों मामलों की स्थिति स्पष्ट करते हुए एक मामले में पूर्व में हुई जांच का हवाला दिया है, जबकि दूसरे मामले में विभागीय जांच जारी होने की बात कही है।

राज्य शिक्षक पुरस्कार की चयन सूची पर सवाल
राज्य शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2026-27 की चयन सूची में क्रमांक 27 और 28 पर शामिल शिक्षकों के चयन को लेकर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। कलेक्टर को सौंपे गए जनदर्शन आवेदन में चयन प्रक्रिया के निर्धारित नियमों, संबंधित शिक्षकों की पात्रता, पदस्थापन और पूर्व में निभाई गई जिम्मेदारियों की जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं का नियमानुसार परीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि चयन की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों की जांच कर मामले में निष्पक्ष निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
हालांकि, इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर श्याम किशोर जायसवाल ने अलग पक्ष रखते हुए बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर, एसडीएम वाड्रफनगर, जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर और संयुक्त संचालक, अंबिकापुर स्तर से जांच की जा चुकी है। उनके अनुसार, जांच में लगाए गए आरोप निराधार पाए गए हैं।
गेना स्कूल में अतिथि शिक्षक नियुक्तियों पर भी उठे सवाल
शिकायत का दूसरा मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गेना में 2 अगस्त 2019 से की गई कथित अतिथि शिक्षक नियुक्तियों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन नियुक्ति प्रक्रिया, पात्रता प्रमाण-पत्रों के सत्यापन और चयन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
आवेदन में तीन अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराने, चयन प्रक्रिया की पड़ताल करने और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग भी की है।
इस संबंध में बीईओ श्याम किशोर जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए टीम गठित की गई है और प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
वाड्रफनगर में शिक्षक पुरस्कार चयन और अतिथि शिक्षक नियुक्ति से जुड़े दोनों मामलों में अब प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर शिक्षक पुरस्कार चयन को लेकर विभागीय अधिकारी पूर्व की जांच में आरोप निराधार पाए जाने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर गेना स्कूल की अतिथि शिक्षक नियुक्तियों से संबंधित शिकायत पर जांच जारी है।
फिलहाल, दोनों मामलों में शिकायतकर्ता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच के अभिलेखों, संबंधित दस्तावेजों और सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या निष्कर्ष निकालता है और क्या किसी स्तर पर आगे की कार्रवाई की आवश्यकता सामने आती है।
Author: Man Tantra 24









