सुरगुजा में आदेशों की अनदेखी! संलग्नीकरण खत्म करने के निर्देश के बावजूद 24 कर्मचारी अब भी अटैच
अंबिकापुर/सुरगुजा/रामहरि गुप्ता। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को पूर्ण रूप से समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद सुरगुजा संभाग में आदेशों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है।

लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा 24 फरवरी 2026 को जारी आदेश में सभी संयुक्त संचालक शिक्षा एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि संलग्न सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों को उनके मूल संस्थान में तत्काल प्रभाव से वापस भेजा जाए तथा इसकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग, सुरगुजा (अंबिकापुर) कार्यालय में ही 24 अधिकारी-कर्मचारी अब भी संलग्न (अटैच) हैं।
यह स्थिति केवल एक कार्यालय की है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे सुरगुजा संभाग और प्रदेश में यह संख्या कितनी अधिक हो सकती है।

शासन के आदेश कागजों तक सीमित?
शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कार्रवाई न होने से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है, जिससे छात्रों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों से नहीं हो सका संपर्क
इस संबंध में संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग, सुरगुजा के
संजय गुप्ता से फोन के माध्यम से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।,वहीं छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, किंतु उनसे भी बात नहीं हो सकी।
अब निगाहें कार्रवाई पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि खबर सामने आने के बाद शासन-प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा या फिर यह मामला भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा—यह आने वाला समय तय करेगा।
Author: mantantra24




