बड़ी कार्रवाई: 8 महीने तक किसान को दौड़ाना राजस्व निरीक्षक को पड़ा भारी, SDO ने लगाया जुर्माना; प्रार्थी को मिलेगी क्षतिपूर्ति
मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)/सुनील शर्मा | छत्तीसगढ़ में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सरकारी काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। मनेंद्रगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री लिंगराज सिदार ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए राजस्व निरीक्षक (RI) पर आर्थिक दंड लगाया है। यह मामला शासन की उन योजनाओं की पोल खोलता है जहाँ “समय-सीमा” को ताक पर रखकर आम जनता को परेशान किया जाता है।

📜 आदेश की महत्वपूर्ण कड़ियाँ
अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 150211/2026 के अनुसार:
* प्रार्थी: रामाशंकर गुप्ता (लोक प्रहरी), निवासी ग्राम मनेंद्रगढ़।
* जमीन का विवरण: खसरा नंबर 343/23, रकबा 0.240 हेक्टेयर।
* लापरवाह अधिकारी: प्रीतम बेक (राजस्व निरीक्षक), मनेंद्रगढ़।
* विवाद का कारण: सीमांकन के लिए 22 फरवरी 2024 को आवेदन दिया गया था, जिसे 8 महीने तक बिना किसी ठोस कारण के लटकाए रखा गया।
🔍 जांच में क्या खुला?

SDO द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि:
* न्यायालय की अवहेलना: तहसीलदार कार्यालय द्वारा बार-बार ‘स्मरण पत्र’ (Reminders) जारी किए जाने के बाद भी राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन नहीं किया।
* मानसिक प्रताड़ना: प्रार्थी को जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसके विधिक अधिकारों से वंचित रखा गया।
* अधिनियम का उल्लंघन: यह छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 की धारा 5-7 का सीधा उल्लंघन पाया गया।
* लापरवाही का प्रमाण: अधिकारी को 10 सितंबर 2025 तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यालय में उपस्थित होकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
💸 सजा और जुर्माना
मामले की गंभीरता को देखते हुए SDO मनेंद्रगढ़ ने आदेश दिया है कि:
* राजस्व निरीक्षक प्रीतम बेक से ₹1000 (एक हजार रुपये) की राशि वसूल की जाए।
* यह राशि प्रार्थी रामाशंकर गुप्ता को क्षतिपूर्ति (Compensation) के रूप में प्रदान की जाए।
* आदेश में RI को सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🛑 वेब पोर्टल विशेष: “जागते रहो”
यह खबर उन सभी नागरिकों के लिए एक मिसाल है जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं। आदेश की प्रति यह साबित करती है कि यदि आप जन-चौपाल या लोक सेवा गारंटी के तहत सही मंच पर शिकायत करते हैं, तो बड़े से बड़े अधिकारी को भी जवाबदेह बनाया जा सकता है।
Author: mantantra24




