बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी पर उठे सवाल
बलरामपुर/मन तंत्र/हरिराम गुप्ता। जिले में चल रही 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के बीच एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने नियमों को दरकिनार करते हुए परीक्षा केंद्र में केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति कर दी।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड वाड्रफनगर के हायर सेकेंडरी स्कूल बसंतपुर में इस समय बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाया गया है, जहां हायर सेकेंडरी स्कूल पशुपतिपुर, फुलीडूमर और बसंतपुर के विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बसंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों के आपसी विवाद के कारण पहले से ही पढ़ाई प्रभावित रही है। वहीं परीक्षा के दौरान अपनी साख बचाने के लिए कुछ शिक्षकों द्वारा केंद्राध्यक्ष की मिलीभगत से खुलेआम नकल कराए जाने का आरोप सामने आया।
इस मामले की शिकायत संयुक्त संचालक (JD) अंबिकापुर से की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 9 मार्च 2026 को जे.डी. स्वयं परीक्षा केंद्र बसंतपुर पहुंचे और जांच की। जांच के दौरान वहां खुलेआम नकल कराए जाने की पुष्टि हुई, यहां तक कि एक शिक्षक के पैंट की जेब से नकल की पर्ची (चिट्ठी) भी बरामद हुई।
इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए केंद्राध्यक्ष अभिमन्यु मौर्या को पद से हटा दिया गया। शेष परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी पशुपतिपुर के प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद प्रजापति को सौंप दी गई।
हालांकि, यहां भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नियमों के अनुसार जिस विद्यालय के विद्यार्थी किसी परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थी के रूप में शामिल होते हैं, उस विद्यालय के किसी भी प्राचार्य या शिक्षक को उस केंद्र का केंद्राध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता।
इसके बावजूद आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने नियमों की अनदेखी करते हुए संबंधित विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य को ही केंद्राध्यक्ष बना दिया।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इससे फिर से नकल जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और शिक्षकों की साख बचाने का प्रयास किया जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद प्रशासन इस पूरे मामले में क्या जांच और कार्रवाई करता है। आने वाले समय में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
Author: mantantra24




