कवर्धा के बाद अब कोरिया में भी ‘चूहों का कारनामा’? धान खरीदी केंद्र से 70 लाख का धान गायब

कवर्धा के बाद अब कोरिया में भी ‘चूहों का कारनामा’? धान खरीदी केंद्र से 70 लाख का धान गायब

कोरिया/जिल्दा/सुनील शर्मा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कुछ महीने पहले कवर्धा जिले में चूहों द्वारा 8 करोड़ रुपये का धान खा जाने का मामला सामने आया था, जिसने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं। अब इसी तरह का एक नया और चौंकाने वाला मामला कोरिया जिले से सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, कोरिया जिले के जिल्दा धान खरीदी केंद्र में भारी अनियमितता सामने आई है। रिकॉर्ड के मुताबिक आज की स्थिति में यहां लगभग 3400 क्विंटल धान, यानी करीब 8500 बोरी धान मौजूद होना चाहिए था।

लेकिन जब मौके पर निरीक्षण किया गया तो वहां सिर्फ 2000 से 2500 बोरी धान ही मिला। यानी कि लगभग 1000 क्विंटल धान ही भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जबकि 2500 क्विंटल से अधिक धान गायब बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गायब धान की अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये के आसपास है।

भारी भ्रष्टाचार की आशंका

धान खरीदी केंद्र से इतनी बड़ी मात्रा में धान का भौतिक रूप से मौजूद न होना साफ तौर पर गंभीर लापरवाही या बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या कवर्धा जिले वाला ‘चूहा’ अब कोरिया जिले तक पहुंच गया है, या फिर इसके पीछे कोई और खेल चल रहा है?

अधिकारी फोन उठाने से बचते रहे

जब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो अधिकांश अधिकारी फोन उठाने से कतराते नजर आए।
इतना ही नहीं, जब पत्रकारों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया, तो जैसे ही अधिकारियों को इसकी भनक लगी, धान खरीदी केंद्र का कार्यालय आनन-फानन में बंद कर दिया गया और संबंधित अधिकारी मौके से नदारद हो गए।

अब प्रशासन पर टिकी नजर

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला प्रशासन के सामने है, तो करीब 70 लाख रुपये के इस घोटाले की भरपाई कैसे की जाएगी।
क्या प्रशासन इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा, या फिर हमेशा की तरह मामले को दबाने की कोशिश की जाएगी — यह आने वाला समय ही बताएगा।

mantantra24
Author: mantantra24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज