पेशा कानून दिवस पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का शक्ति प्रदर्शन,कलेक्टर कार्यालय के समीप धरना, 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

पेशा कानून दिवस पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का शक्ति प्रदर्शन

कलेक्टर कार्यालय के समीप धरना, 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा

मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर/सुनील शर्मा

पेशा कानून दिवस के अवसर पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) द्वारा जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता एवं विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर 24 दिसंबर 1996 को आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु बनाए गए ऐतिहासिक पेसा कानून को याद करते हुए उसके मूल उद्देश्यों और प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोंडवाना संस्कृति मैदान, ग्राम भलोर में गोंडवाना पंचायत सभा के माध्यम से हुई, जहाँ वक्ताओं ने पेसा कानून के प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु को क्रमवार समझाया। वक्ताओं ने बताया कि पेसा कानून के कारण ही आज अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के लोग पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला सदस्य से लेकर अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पदों तक पहुँच सके हैं। यह कानून आदिवासियों को उनकी भूमि, जंगल, जल और स्वशासन के अधिकारों की कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।

पदयात्रा निकालकर किया गया कलेक्टर कार्यालय का घेराव

सभा के उपरांत पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक पदयात्रा के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय, जिला मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर (चैनपुर) पहुँचे, जहाँ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया।

इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति एवं महामहिम राज्यपाल के नाम जिले के कलेक्टर को 23 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे

ज्ञापन में जिले और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, जिनमें शामिल हैं—

कई किसानों का धान रकबा शून्य कर दिया जाना और आधे से भी कम धान की खरीदी

किसानों से ही पल्लेदारी कराए जाने का आरोप

चिरमिरी–साजा पहाड़ मार्ग में लगातार अनियमितताएँ

भूमि अधिग्रहण के बावजूद किसानों को मुआवजा नहीं मिलना

अदानी की कोल परियोजना (परसा–केते) से प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से काबिज गरीब आदिवासी किसानों के मकान तोड़कर वृक्षारोपण कराया जाना

जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ, आईसीयू, ब्लड बैंक एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव

बैगा जनजातियों की भूमि पर अवैध कब्जा

वनाधिकार पट्टों की निष्पक्ष पुनः जांच की मांग और प्रभावशाली लोगों के दबाव में पट्टा वितरण का आरोप।

शासन-प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग

कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, पेसा कानून और वनाधिकार अधिनियम को गंभीरता से लागू नहीं किया गया, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भविष्य में और भी व्यापक आंदोलन करेगी।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण लेकिन बेहद सशक्त रहा, जिसने शासन-प्रशासन का ध्यान आदिवासी समाज की जमीनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया।

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Author: mantantra24

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