मऊगंज कलेक्टर द्वारा भ्रस्टाचारियो को बचाओ अभियान के खिलाफ भड़की जनाक्रोश की ज्वाला,
मऊगंज कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर अर्धनग्न प्रदर्शन, ‘मोहन चोर–मोदी चोर’ के लगे नारे, 7 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, एसडीएम कमरे से नहीं निकले बाहर

मऊगंज/प्रकाश द्विवेदी – मऊगंज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने 15 दिसंबर से चल रहा धरना आज 18 दिसंबर को अचानक उग्र हो गया। जब दोपहर करीब 3 बजे प्रशासन की हठधर्मिता को देख प्रदर्शनकारियों का सब्र टूट गया और अनशन स्थल से कलेक्ट्रेट कूच कर उसके मुख्य द्वार पर निर्वस्त्र होकर लेटते हुए विरोध प्रदर्शन किया,जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन में भ्रस्टाचार और अराजकता से इतना खफा हो गये की यहां के कलेक्टर के साथ ही “मोहन चोर है, मोदी चोर है” जैसे जमकर नारे भी लगाए। और कलेक्टर संजय जैन पर कई गंभीर आरोप लगाए स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम राजेश मेहता और एसडीओपी सची पाठक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाते हुए गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन द्वारा पहले से ही कलेक्टर द्वारा धारा 163 लागू की गई थी, बावजूद इसके प्रदर्शनकारी धरना स्थल से कूच कर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए।

गौरतलब है कि यह अनशन कॉलेज के लैब अटैंडेंट मऊगंज कलेक्टर के निज सहायक पंकज श्रीवास्तव पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर उसे कलेक्ट्रेट से हटाने की मांग पर शुरू किया गया था। प्रशासन को आशंका थी कि स्थिति बिगड़ सकती है, इसी कारण पहले ही रीवा से करीब आधा सैकड़ा पुलिस बल मऊगंज बुलाया गया था।

गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही प्रमुख प्रदर्शनकारी विश्वामित्र मुंद्रिका त्रिपाठी, कुंज बिहारी तिवारी और रामेश्वर गुप्ता के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। आज 18 दिसंबर को पुलिस ने मुंद्रिका त्रिपाठी, कुंज बिहारी तिवारी, रामेश्वर गुप्ता सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर तहसील कार्यालय ले जाया गया। वहीं गिरफ्तारी के बाद एसडीएम ने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया और मीडिया ने पंकज श्रीवास्तव की कथित रिष्वतखोरी के खिलाफ कार्यवाही की उठी मांग के बाद अचानक से कलेक्टर द्वारा मऊगंज में धारा 163 निषेधाज्ञा को लगाने की वजह एवं मऊगंज के लोगो द्वारा समूची प्रशासनिक व्यवस्था को दागदार करने वाले कॉलेज के लैब अटेंडेंट पंकज श्रीवास्तव को कलेक्ट्रेट से हटाने की बजाय जिले का प्रशासन अनशनकारियों की गिरफ्तारी से जिला प्रशासन खुद के प्रति उठ रहे जन विश्वास को और तेजी से उठाने की दिशा में कदम क्यो उठा रहा है। काफी प्रयास के बाद भी एडीएम कार्यालय में बैठे एसडीएम राजेश मेहता का दरवाजा नहीं खुला।
सूत्रों के मुताबिक जिले में प्रशासन के प्रति बढ़ती नाराजगी के बीच मऊगंज भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जारी विरोध प्रदर्शन का कवरेज देने वाले पत्रकारों पर भी धारा 163 की बेड़ियां डालने की साजिश रची जा रही है।
Author: mantantra24





