कोरिया/सुनील शर्मा – कोरिया जिला के खड़गवां ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत तोलगा में भ्रष्टाचार का एक अलग ही मामला सामने आया है जिसमें तकरीबन 1950804/- रुपए की लागत से प्राइमरी और हाई स्कूल में 2 बाउंड्री वालों का निर्माण कराया गया। कागजों में इस कार्य को जून 2024 में पूर्ण होना दिखा भी दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 20 लाख रुपए की लागत से हुए इन दो बाउंड्री वालों में जम कर निम्न क्वालिटी का सामान इस्तेमाल किया गया और लोगों को पर्याप्त जानकारी ना मिले इसके लिए निर्माण कार्य के बोर्ड को भी बनाकर तुरंत गिरा दिया गया और इन सब के बीच में सबसे मजेदार बात यह है की कागजों में कार्य को तो पूर्ण दिखाया जा रहा है लेकिन इन दोनों बाउंड्री वॉल में दरवाजा तक नहीं लगाया गया और पैसे का आहरण कर लिया गया।



दरवाजे के नाम पर अलग से निकाल लिए डेढ़ लाख रुपए
ग्रामीणों के अनुसार खनिज न्यास मद से जिस 20 लाख रुपए का आहरण किया गया उसी पैसे में से ही गेट निर्माण का कार्य कराया जाना था लेकिन सरपंच और सचिव ने मिली भगत से फर्जी प्रस्ताव पारित कर 15 वित्त आयोग से भी डेढ़ लाख रुपए का आहरण कर लिया,मतलब की एक ही कार्य के लिए दो बार पैसे निकाले गए,जमकर भ्रष्टाचार किया गया और वर्तमान स्थिति में बाउंड्री वॉल बिना गेट के ही खड़े हैं।


इंजीनियर ने भौतिक सत्यापन कैसे किया?
कोरिया जिला के जनपद पंचायत खड़गवां के अंतर्गत कार्य करने वाले इंजीनियरों के लिए हमेशा से बोला जाता है कि वे जमीन पर जाकर कार्य नहीं करते, इसका जीता जागता उदाहरण भी आप देख सकते हैं की किस तरह से 20-20 लाख के कार्य हो जा रहे हैं और आधे अधूरे कार्य को भी पूर्ण दिखाकर एक ही कार्य के नाम पर दो-दो बार पैसे निकालकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है और इंजीनियर अपने ऑफिस में टेबल के नीचे से फाइल पास कर रहे हैं। सरकारें बदली,सत्ता बदली लेकिन ऐसे अधिकारियों की नियत कभी नहीं बदल पाई और उनके सह से ही ऐसे सचिव और सरपंच भ्रष्टाचार को अंजाम देते रहते हैं।
पानी के नाम पर भी जनता को लूट डाला!
ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने बताया की ग्राम पंचायत तोलगा में पीने के पानी की समस्या बहुत बड़ी है हमने अपने पैसों से हैंड पंप तक को ठीक करवाया है। जब हमने इस विषय पर जांच पड़ताल की तो पता चला कि पानी के नाम पर,सिर्फ हैंड पंप के मरम्मत के नाम पर ही लाखों रुपए का व्यारा न्यारा सरपंच और सचिव को द्वारा कर दिया गया। जब,जितने ग्रामीणों से बन सका उन्होंने अपने पैसों से हैंड पंप को ठीक कराया और जिन्हें ठीक नहीं कराया गया वह हैंड पंप खराब पड़े हैं तो फिर उनके नाम से 15 वे वित्त आयोग से क्रमशः 52000,51500और 40000 की राशि,कुल 143500/- की राशि का आहरण कैसे कर लिया गया।



क्या जांच करेंगे अधिकारी या जनता ही सिखायेगा सबक!?
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हुए मुद्दों पर और पानी जैसी मूलभूत समस्या में भी आपदा पर अवसर खोज कर भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले ऐसे सरपंच और सचिव पर अधिकारी कुछ कार्यवाही करते हैं यह तो देखने वाली बात होगी जिसकी उम्मीद बहुत ही कम है क्योंकि जब फाइलें टेबल के नीचे से नोटों के द्वारा पार होगी तो न्याय की उम्मीद करना मूर्खता ही लगता है लेकिन जिस तरह से इन मूलभूत जरूरतों पर भी भ्रष्टाचार कर दिया जा रहा है उस पर जनता कैसे अपनी प्रतिक्रिया देती है यह देखने वाली बात जरूर होगी क्योंकि कुछ महीनो बाद जाना सबको जनता के पास ही है…
Author: mantantra24





