छत्तीसगढ़ में चुनाव समाप्त हो चुके हैं और जनता ने आने वाले 5 सालों के लिए अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है जिसका फैसला आने वाले 3 दिसंबर को सबके सामने होगा।
संभावनाओं की माने तो भूपेश के प्रति भरोसा थोड़ा कम होता जरूर दिखाई दे रहा है परंतु जनता का विश्वास अभी भी कांग्रेस पर बरकरार है। इस चुनाव में जनता ने भ्रष्टाचार के मुद्दों को पूरी तरह से भुला दिया था और कर्ज माफी का मुद्दा पूरे प्रदेश में इस कदर हावी हुआ कि बाकी सभी मुद्दे पूरी तरह से पस्त नजर आते हुए दिखाई दिए थे। लेकिन मन-तंत्र आप लोगों के बीच उन मुद्दों को लगातार सामने लाने की कोशिश जरूर करता रहा जिससे छत्तीसगढ़ के विकास को बाधित करने की कोशिश की जाती रही है।
हम आज आपको बताएंगे एक ऐसे भ्रष्ट इंजीनियर और उसके आका की कहानी,जिन्होंने छत्तीसगढ़ के एक जिले के विकासखंड को पूरी तरह से भ्रष्टाचार के जंजीरों पर बांध दिया है। हम बताएंगे आपको उस एसडीओ की कहानी जिसके हर निर्माण में होता है डंके की चोट पर भ्रष्टाचार,एक इंजीनियर जो बाद में एसडीओ बनकर पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह पर बैठकर अपने सभी निर्माण कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार का अमली जामा पहना रहा है।
आप नीचे लिखे लिंक पर क्लिक करके भी इन अधिकारी के कारनामों को देख सकते हैं जिनको हमेशा से मन-तंत्र सामने लाने की कोशिश करता रहा है
बहरहाल आज मैं आपको इन इंजीनियर और एसडीओ के भ्रष्टाचार की एक नई कहानी बताता हूं…..
कोरिया जिले के खड़गवां विकासखंड के ग्राम छोटे साल्ही में करीब 7:30 लाख रुपए की लागत से एक पुलिया का निर्माण किया जा रहा है निश्चित तौर पर अगर यह पुलिया भ्रष्टाचार मुक्त होता तो यह उस गांव पर रहने वाले ग्रामीणों के लिए एक वरदान ही साबित होता,लेकिन जिस तरह से इस पुलिया के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है और उस भ्रष्टाचार को ना देखने के लिए प्रशासन धृतराष्ट्र की तरह आंखें मूंद कर,उस इंजीनियर और एसडीओ के सभी कार्यों पर पर्दा डाल रहा है वह निश्चित ही लोकतंत्र और छत्तीसगढ़ के लिए डरावना जरूर है। आपको बता दे कि उस लगभग 7:30 लाख रुपए की पुलिया का जो निर्माण होना हैं उसमें किसी भी तरह की गुणवत्ता नहीं बरती जा रही है,40,20 और 10 mm की गिट्टी की जगह बड़े-बड़े बोल्डर डालकर उस पुलिया का निर्माण किया जा रहा है और ना ही उक्त जगह पर कंक्रीट को मजबूती देने के लिए सरिया का प्रयोग किया जा रहा है जबकि एस्टीमेट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इसमें सरिया डालना जरूरी है बिना सरिया के बनते हुए इस पुलिया में ना ही वाइब्रेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है और ना ही उस गुणवत्ता की सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे इस पुलिया को सही गुणवत्ता मिल सके। इन सभी तकनीकी पहलुओं को हम आपको अपने वीडियो में पहले भी बता चुके हैं
तकनीकी पहलुओं की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने के बाद अब इंजीनियर और एसडीओ पहुंचे 420सी पर
सबसे पहले आपको जानना चाहिए कि किसी भी पुलिया का निर्माण दो स्तरों पर होता है पहले स्तर होता है पीएससी का और दूसरा स्टार होता है आरसीसी। पीसीसी स्तर पर पुलिया के नींव का कार्य किया जाता है और जिसकी लागत भी अधिकतम होती है,दूसरे स्तर आरसीसी पर पुलिया के ऊपरी हिस्से का निर्माण किया जाता है। हम आपको यह इसलिए बता रहे हैं जिससे आपको समझ में आ जाए कि छत्तीसगढ़ के विकास में एसडीओ और इंजीनियर किस तरह से अपने भ्रष्टाचार रूपी पारा को बढ़ा चुके हैं, वे जनता की गाड़ी कमाई को खाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते चाहे उसके लिए उन्हें किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार करना पड़ जाए।
ग्राम छोटे साल्ही पर जो पुलिया का निर्माण हो रहा है उस जगह पर पहले से ही लगभग 1वर्ष पूर्व पीसीसी लेवल का कार्य हो चुका था, लेकिन एसडीओ और इंजीनियर के द्वारा पुन: उसी जगह पर नया इस्टीमेट बनाते हुए नए पुलिया का निर्माण दिखा दिया गया और बने हुए पुराने पुलिया में नया इस्टीमेट दिखाते हुए लगभग 4.3 लाख के पीसीसी स्तर तक के कार्य को कागजों में दिखाकर भ्रष्टाचार कर लिया गया। अब आप ही समझिए जब उस पुलिया में लगभग 1 साल पहले ही पीसीसी स्तर का कार्य पूर्ण हो चुका था तो फिर से उसी निर्माण के लिए राशि इसलिए जारी की गईं जिससे 7.3 लाख की पुलिया में 4.5 लाख का भ्रष्टाचार किया जा सके और जनता के टैक्स के पैसे जो विकास कार्य में उपयोग होना चाहिए उससे नौलक्खा हार बनवाया जा सकें,अब तो आप समझ सकते हैं कि किस तरह से इन इंजीनियर और एसडीओ के द्वारा जनता की गाड़ी कमाई को लूटा जा रहा है। सीधे शब्दों पर आप समझ सकते हैं कि जो पुलिया पहले से ही आधा बन चुका है इस पुलिया पर नए पुल का निर्माण दिखाकर जनता की गाड़ी कमाई को लूटने का कार्य यहां के इंजीनियरों एसडीओ के द्वारा किया जा रहा हैं।
ताज्जुब तब होता हैं जब ऐसे इंजीनियर और एसडीओ पर कार्यवाही न करते हुए प्रशासन में बैठे हुए उच्च अधिकारी यह बताने की कोशिश करते हुए नजर आते हैं कि हम अभी चुनाव मे व्यस्त हैं तो कभी जांच करने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हुए नजर आते हैं,लेकिन जब भ्रष्टाचार का स्तर इस क़दर बढ़ जाए और शीर्ष पदों पर बैठे हुए उच्च अधिकारी पूरी तरह से धृतराष्ट्र बनकर ऐसे एसडीओ और ऐसे इंजीनियर की काले कारनामों पर पर्दा डालने की कोशिश करें तो जनता के बीच इंकलाब का नारा बुलंद होना ही चाहिए…
Author: mantantra24





