रघुनाथनगर में पशु तस्करी पर बड़ा आरोप,थाना प्रभारी पर संरक्षण देने और ₹80,000 महीना लेने का आरोप
बलरामपुर | विशेष रिपोर्ट/रामहरि गुप्ता l छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां लगातार पशु तस्करी का कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध गतिविधि थाना प्रभारी की कथित मिलीभगत से संचालित हो रही है।
बताया जा रहा है कि जब से थाना प्रभारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने पदभार संभाला है, तब से क्षेत्र में पशु तस्करी के मामलों में तेजी आई है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ कथित तस्कर—मानिक, अशोक, देव कुमार, संजय और जितेंद्र जायसवाल (निवासी ग्राम केसारी)—लगातार इस अवैध कार्य में संलिप्त हैं। इनमें से कुछ पहले भी पशु तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
🚨 गंभीर आरोप: “महीने का सेटिंग”
ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी पर ₹80,000 प्रतिमाह लेकर तस्करों को संरक्षण देने का संदेह है, जिसके चलते मवेशियों को खुलेआम वाहनों में भरकर ले जाया जा रहा है।
🌲 जंगल के रास्ते हो रही तस्करी
एक फॉरेस्ट विभाग के कर्मचारी के अनुसार, देर रात लगभग 1:30 बजे तस्कर जंगल के रास्ते मवेशियों को ले जाते देखे गए, जिससे वन क्षेत्र को भी नुकसान पहुंच रहा है। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
📄 शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पहले ही पुलिस अधीक्षक (SP) और आईजी स्तर तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
🐄 ग्रामीणों का विरोध, मवेशी थाने तक पहुंचे

ग्रामीणों की सक्रियता से कुछ मवेशियों को बचाकर थाने तक पहुंचाया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
❗ बड़ा सवाल
क्या पुलिस की भूमिका संदिग्ध है?
क्या उच्च अधिकारी भी इस पूरे मामले से अनजान हैं?
कब रुकेगा पशु तस्करी का यह अवैध खेल?
Author: mantantra24




