3 साल बाद फर्जी पट्टा निरस्त, पत्रकार की जिद के आगे झुका प्रशासन; अब कब्जा हटाने की तैयारी

बड़ी खबर: 3 साल बाद फर्जी पट्टा निरस्त, पत्रकार की जिद के आगे झुका प्रशासन; अब कब्जा हटाने की तैयारी

बलरामपुर/वाड्रफनगर/रामहरि गुप्ता। प्रशासनिक सुस्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार वाड्रफनगर के कुंदी ग्राम पंचायत में फर्जी पट्टे का खेल खत्म हुआ। एसडीएम कोर्ट ने फर्जी तरीके से बनाए गए पट्टे को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। यह जीत न केवल कानून की है, बल्कि उस पत्रकार के संघर्ष की भी है जिसने 3 साल तक सिस्टम से हार नहीं मानी।

भ्रष्टाचार का खेल: पटवारी पर लगे थे गंभीर आरोप

पूरा मामला वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत कुंदी (आश्रित ग्राम धनवार) का है। आरोप है कि निवासी विशाल कश्यप ने तत्कालीन पटवारी सत्यम गुप्ता के साथ मिलकर मोटी रकम के लेन-देन के जरिए फर्जी तरीके से पट्टा हासिल किया था।

संघर्ष की टाइमलाइन: जनदर्शन से धरने तक

इस मामले को पत्रकार राम हरी गुप्ता ने करीब 3 साल पहले जनदर्शन में उठाया था। हालांकि, जांच में मामला फर्जी पाए जाने के बाद भी फाइलें धूल फांकती रहीं।

जांच रिपोर्ट: तहसीलदार की जांच टीम ने पट्टे को फर्जी पाया।

पंचायत का फैसला: वन अधिकार समिति और ग्राम पंचायत कुंदी ने पट्टा निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर एसडीएम को भेजा।

प्रशासनिक देरी: सब कुछ साफ होने के बाद भी एसडीएम कार्यालय से कार्रवाई रुकी रही।

अल्टीमेटम और धरना: बार-बार आवेदन के बाद पत्रकार ने 3 दिन का अल्टीमेटम दिया और फिर एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।

शिविर बना टर्निंग पॉइंट: 19 मार्च 2026 को बरतीकला में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में कलेक्टर के समक्ष मामला उठा, जिसके अगले ही दिन 20 मार्च को आदेश जारी हो गया।

प्रशासनिक आदेश: पट्टा निरस्त, बलरामपुर भेजा गया मामला

एसडीएम वाड्रफनगर ने आधिकारिक तौर पर पट्टे को रद्द करते हुए आदेश की प्रति एसडीएम कार्यालय बलरामपुर को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी है। प्रशासन के इस कदम से भू-माफियाओं और भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

“सवाल व्यवस्था पर: जब एक जागरूक पत्रकार को न्याय के लिए 3 साल तक दर-दर भटकना पड़े और धरने पर बैठना पड़े, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होती होगी? यह मामला सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान लगाता है।”

अब सबकी नजरें: कब हटेगा अवैध कब्जा?

पट्टा तो कागजों पर निरस्त हो गया है, लेकिन धरातल पर अभी भी कब्जा बरकरार है। अब क्षेत्र के लोगों और शिकायतकर्ता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कितनी जल्दी उस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराता है।

मुख्य बिंदु जो चर्चा में हैं:

दोषी पटवारी पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?

क्या प्रशासन बिना देरी किए कब्जा हटाने का साहस दिखाएगा?

ऐसे अन्य कितने फर्जी पट्टे क्षेत्र में दबे हुए हैं?

बने रहें हमारे पोर्टल के साथ, हम इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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Author: mantantra24

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