थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप: सीमेंट चोरी मामले में मुख्य आरोपियों को छोड़ा, अवैध वसूली के भी आरोप

बलरामपुर/वाड्रफनगर/रामहरि गुप्ता। बसंतपुर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सोनी एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में सीमेंट चोरी के मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने मामले में सिर्फ खानापूर्ति करते हुए मुख्य आरोपियों को छोड़ दिया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

सीमेंट चोरी का मामला

जानकारी के अनुसार वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम फुली डूमर में घाट निर्माण कार्य के दौरान बड़ी मात्रा में सीमेंट चोरी हो गया था। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के मुंशी और मजदूरों ने सीमेंट चोरी कर ग्राम फुलीडूमर और ग्राम पंचायत कुंदी के करीब 8 से 9 लोगों को बेच दिया था।

ठेकेदार की शिकायत के बाद बसंतपुर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान फुलीडूमर और कुंदी गांव के लगभग 9 लोगों के घरों से चोरी हुआ सीमेंट बरामद किया गया। साथ ही सीमेंट ढोने में इस्तेमाल किए गए दो ट्रैक्टर भी जब्त कर 24 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक थाना बसंतपुर में रखा गया।

सिर्फ चार लोगों पर कार्रवाई

आरोप है कि 26 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सोनी ने मामले में केवल दो सीमेंट विक्रेता और दो ट्रैक्टर ड्राइवर पर ही चालान की कार्रवाई की, जबकि मुख्य आरोपियों को छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी बताई जा रही है।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

बताया जा रहा है कि 9 फरवरी 2026 को एक युवती एफआईआर दर्ज कराने बसंतपुर थाने पहुंची थी, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी ने उसे डांट-फटकार कर थाने में ही जबरन समझौता करवाने की कोशिश की। बाद में बलरामपुर पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद ही मामला दर्ज हो सका।

धारा 185 के मामले में भी उगाही का आरोप

वहीं 3 मार्च 2026 को ककनेसा निवासी रामसेवक (पिता अमरसाय) की मोटरसाइकिल को धारा 185 (शराब पीकर वाहन चलाने) के तहत जब्त किया गया था। आरोप है कि वाहन छोड़ने के एवज में रामसेवक से 4500 रुपये लिए गए, लेकिन इसके बावजूद उसे आठ दिनों से थाने के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उसे यह कहकर टाल दिया जा रहा है कि “दूसरी गाड़ी पकड़ने के बाद ही तुम्हारी गाड़ी छोड़ी जाएगी।

पशु परिवहन में भी कार्रवाई नहीं

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर पिकअप वाहनों में बकरा-बकरी ठूस-ठूस कर बसंतपुर थाना क्षेत्र से रोजाना ले जाए जाते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से पैसे लेकर उन्हें छोड़ देती है।

जांच और कार्रवाई पर नजर

इन सभी आरोपों के बीच अब क्षेत्र की जनता की नजर बलरामपुर पुलिस अधीक्षक पर टिकी हुई है कि खबर प्रकाशित होने के बाद इस पूरे मामले की जांच और कार्रवाई किस स्तर तक होती है।

mantantra24
Author: mantantra24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज