ना नौकरी पक्की, ना सम्मान! हजारों अनियमित कर्मचारियों ने नवा रायपुर घेरा, मुख्यमंत्री को सौंपा चेतावनी पत्र

ना नौकरी पक्की, ना सम्मान! हजारों अनियमित कर्मचारियों ने नवा रायपुर घेरा, मुख्यमंत्री को सौंपा चेतावनी पत्र

नवा रायपुर/सुनील शर्मा।
छत्तीसगढ़ के शासकीय कार्यालयों में वर्षों से कार्यरत अनियमित कर्मचारियों का सब्र आखिरकार टूट गया। नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और सेवा सुरक्षा जैसी बुनियादी मांगों को लेकर 28 दिसंबर 2025 को तूता, नवा रायपुर में हजारों अनियमित कर्मचारियों ने एक दिवसीय जंगी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने शासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


प्रदेश के शासकीय विभागों में आउटसोर्सिंग, ठेका, सेवा प्रदाता, समूह/समिति, संविदा, दैनिक वेतन, जॉबदर, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर, मानदेय एवं अंशकालीन व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारी बीते 5 वर्षों से लेकर 25–30 वर्षों तक शासन की जनहितकारी योजनाओं को ज़मीन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन आज भी इन्हें “अनियमित” कहकर हाशिये पर रखा गया है।


प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इनकी स्थिति अब मध्यकालीन बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो चुकी है। पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक असुरक्षा, बेरोजगारी का डर और प्रशासनिक दबाव के कारण कर्मचारी वर्षों से अपने साथ हो रहे अन्याय को चुपचाप सहने को मजबूर हैं।

इन प्रमुख मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन

सभी अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण/स्थायीकरण।
सेवा से निकाले गए कर्मचारियों की तत्काल बहाली।
न्यून मानदेय पाने वालों को न्यूनतम वेतन 
अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जाए।
आउटसोर्सिंग/ठेका/सेवा प्रदाता/समूह-समिति के माध्यम से नियोजन व्यवस्था पूरी तरह समाप्त की जाए।

इन संगठनों की रही बड़ी भागीदारी

प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ बिहान संयुक्त कैडर एवं कर्मचारी कल्याण संघ, ट्यूटर शिक्षक संघ मोहला-मानपुर, पोटाकेबिन अनुदेशक/भृत्य कर्मचारी, शिक्षा मितान एवं कृषि शिक्षक संघ बीजापुर, छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ, विद्युत ठेका श्रमिक संगठन, नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ, सर्वविभागीय दैनिक श्रमिक संघ, औपचारितर शिक्षक संघ, अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी संघ, शासकीय आईटीआई सुरक्षा गार्ड संघ, किसान मित्र संघ, मेकाहारा कर्मचारी संघ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य कर्मचारी प्रकोष्ठ संघ सहित हजारों कर्मचारी शामिल हुए।

ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में राज्यव्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
अनियमित कर्मचारियों का यह प्रदर्शन शासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है —
अब “अस्थायी” कहकर वर्षों की सेवा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।

mantantra24
Author: mantantra24

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