1500 से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता, संघ प्रांत सेवा प्रमुख तुलसीदास जी का प्रेरक उद्बोधन
रनई/सुनील शर्मा/ श्री हनुमान सेवा समिति रनई के तत्वाधान में गिरजापुर मंडल अंतर्गत ग्राम रनई में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन एवं सम्मान समारोह अत्यंत अनुशासित, गरिमामय एवं ऐतिहासिक रूप से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन हिंदू समाज की एकता, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
इस पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तुलसीदास जी (प्रांत सेवा प्रमुख) का सान्निध्य प्राप्त हुआ। अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने धर्म, संस्कार, सेवा और राष्ट्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित रहने का संदेश दिया। महाराज जी के मार्गदर्शन से सम्मेलन की गरिमा और भी अधिक बढ़ गई।

कार्यक्रम में लगभग 1500 से अधिक देवतुल्य जनता की उपस्थिति रही। आयोजन में गणमान्य एवं विशिष्ट अतिथियों के साथ समाजसेवी बंधु, स्वयंसेवक, कार्यकर्ता, माताएं-बहनें, युवा शक्ति, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं सेवा तंत्र से जुड़े अनेक महानुभाव शामिल हुए, जिनके सामूहिक सहयोग से यह भव्य आयोजन सफल हो सका।

सम्मेलन के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, धर्म, संगठन एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संस्कार का सम्मान था।

कार्यक्रम में स्वागत, वंदन, सम्मान समारोह, प्रेरक उद्बोधन एवं सामूहिक सहभागिता के माध्यम से हिंदू समाज की एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। अनुशासन, सेवा, व्यवस्था एवं सहयोग—सभी व्यवस्थाएं पूर्ण समर्पण भाव से निभाई गईं।
हनुमान सेवा समिति गिरजापुर मंडल के सभी स्वयंसेवक एवं कार्यकर्ता बंधुओं ने अथक परिश्रम, सेवा भावना और संगठन शक्ति का परिचय देते हुए इस आयोजन को पूर्णता प्रदान की।
समापन अवसर पर यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि— “जब समाज, सेवा और संस्कार एक साथ खड़े होते हैं, तब ऐसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संभव होते हैं।”
हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष विकास शुक्ला ने समस्त आगंतुकों, अतिथियों, माताओं-बहनों, युवाओं, स्वास्थ्य कर्मियों एवं देवतुल्य जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
Author: mantantra24





