शिवराजपुर में शमशान भूमि के लिए चक्का जाम: एसडीएम ने अतिक्रमण हटाने और कार्रवाई का दिया आश्वासन
मऊगंज/प्रकाश द्विवेदी नईगढ़ी तहसील के शिवराजपुर में शमशान भूमि की उचित व्यवस्था न होने से नाराज़ ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए स्थान न मिलने के विरोध में एक शव को नईगढ़ी तहसील कार्यालय के सामने सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्रशासन की ओर से नईगढ़ी के एसडीएम मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की।
🗣️ एसडीएम ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए एसडीएम ने प्रदर्शन के मूल कारण को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि:
- अतिक्रमण का मामला: यह मामला सड़क के पास स्थित सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिस पर पास के भू-स्वामी ने कब्ज़ा कर रखा है।
- प्रशासन की कार्रवाई: एसडीएम ने बताया कि प्रशासन ने पिछली बार सरकारी ज़मीन की नाप-जोख कर उसे अंतिम संस्कार के लिए चिह्नित कर दिया था। हालांकि, भू-स्वामी ने फिर से कब्ज़ा कर लिया था।
- अतिक्रमण हटाया गया: एसडीएम ने आश्वासन दिया कि वे आज ही फिर से उस अतिक्रमण को हटा चुके हैं।
- आगे की चेतावनी: उन्होंने कहा कि भू-स्वामी को समझा दिया गया है और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि वे दोबारा कब्ज़ा करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
😥 ग्रामीणों की पीड़ा
ग्रामीणों का आरोप था कि शमशान भूमि के आवंटन की मांग कई बार प्रशासन से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अंतिम संस्कार के लिए शव को खटिया पर ले जाना पड़ रहा है और उन्हें शव वाहन तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
✅ विरोध समाप्त: अंतिम संस्कार के लिए निकले ग्रामीण
एसडीएम द्वारा अतिक्रमण हटाने और भविष्य में कब्ज़ा करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के ठोस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। प्रशासनिक अधिकारी के आश्वासन पर भरोसा करते हुए, ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और दिवंगत व्यक्ति के शव को लेकर अंतिम संस्कार स्थल की ओर प्रस्थान किया। चक्का जाम खुलने के बाद सड़क पर बाधित आवागमन सामान्य हो सका।
यह घटना प्रशासन की लापरवाही और नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष को दर्शाती है, जिसे एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद अस्थायी रूप से सुलझा लिया गया है।
Author: mantantra24





