सुशासन तिहार 2025: कोरिया में ग्रामीण युवाओं के सपनों को मिला नया पंख, कलेक्टर ने सौंपीं प्रतियोगी पुस्तकें!

सुनील शर्मा/कोरिया: सुशासन तिहार 2025 के तहत छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक अनोखी पहल ने ग्रामीण युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। ग्राम जिल्दा बांधपारा के युवा, जो संसाधनों की कमी के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे थे, उनके लिए एक सुनहरा मौका आया। समाधान शिविर में उनकी मांग को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और आज कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने स्वयं इन युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें सौंपीं।
समाधान शिविर में उठी थी आवाज, प्रशासन ने दिखाई तत्परता
जिल्दा बांधपारा के श्री कृष्ण पाल ने सुशासन तिहार के समाधान शिविर में अपनी बात रखी थी। उन्होंने बताया कि गाँव के कई युवा व्यापमं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन किताबों और संसाधनों की कमी उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा है। “हम मेहनत करना चाहते हैं, लेकिन किताबें न होने की वजह से हम पीछे रह जाते हैं,” कृष्ण पाल ने अपनी पीड़ा बयां की थी। उनकी इस मांग को स्कूल शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए जरूरी पुस्तकें उपलब्ध कराईं।
कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला, युवाओं में जगी नई उम्मीद

गरीब युवा के पढ़ने की ललक को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कृष्ण पाल और उनके साथी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों का सेट सौंपा। इस दौरान कलेक्टर ने कहा, “सुशासन का असली मतलब यही है कि हर व्यक्ति की आवाज सुनी जाए और उसका समाधान समय पर हो। इन युवाओं की मेहनत और लगन देखकर मुझे खुशी हो रही है। हमें उम्मीद है कि ये पुस्तकें उनके सपनों को साकार करने में मदद करेंगी।” कलेक्टर ने यह भी आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन हर कदम पर युवाओं के साथ है और उनकी शिक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
युवाओं में उत्साह की लहर, प्रशासन का जताया आभार
पुस्तकें पाकर युवाओं के चेहरे खिल उठे। कृष्ण पाल ने भावुक होकर कहा, “हमें लगा था कि हमारी बात शायद अनसुनी रह जाएगी, लेकिन प्रशासन ने हमारी उम्मीदों को सच कर दिखाया। अब हम और मेहनत करेंगे और अपने गाँव का नाम रोशन करेंगे।” युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, शासन, और जिला प्रशासन का हृदय से आभार जताया।
सुशासन तिहार: ग्रामीण युवाओं के लिए वरदान
सुशासन तिहार 2025 एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की नई किरण बनकर उभरा है। इस पहल के तहत न केवल समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, बल्कि युवाओं को उनके सपनों के करीब लाने का प्रयास भी हो रहा है। कोरिया जिले में शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम एक मिसाल बन गया है। इस पहल से न सिर्फ जिल्दा बांधपारा के युवाओं को फायदा होगा, बल्कि अन्य गाँवों के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे अपनी बात बेझिझक प्रशासन तक पहुँचाएँ।
आगे की राह: शिक्षा के लिए और प्रयास जरूरी
हालांकि यह पहल सराहनीय है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति को और बेहतर करने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कोचिंग सेंटर, डिजिटल लाइब्रेरी, और मेंटरशिप प्रोग्राम भी शुरू किए जाने चाहिए, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें। जिला प्रशासन से उम्मीद है कि वह भविष्य में भी ऐसे कदम उठाता रहेगा, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके।
Author: mantantra24






