टाइगर भी थर्राता है इनसे, बांधवगढ़ में आया खौफ का दूसरा नाम ‘सोन कुत्ता’ – RARE GOLDEN DOG BANDHAVGARH

सीटी बजाकर करते हैं इशारा, जिंदा ही चबाने लगते हैं शिकार, जानें इस दुर्लभ प्राणी ‘सोन कुत्ते’ की कहानी.
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इन दिनों नया खौफ है, ये खौफ है सोन कुत्ते का. ये एक ऐसा मांसाहारी जीव है, जिससे खुदा टाइगर भी खौफ खाता है और दूरी बनाए रखने में ही बेहतरी समझता है. यूं तो बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अपने टाइगर्स के लिए देश-दुनिया में मशहूर है, पर यहां कई दुर्लभ प्राणी भी देखने को मिलते हैं.हाल ही में दुर्लभ प्राणी ‘सोन कुत्ता’ का झुंड यहां देखा गया है, जो काफी विचित्र होता है और बाकी जंगली जीव भी इससे खौफ खाते हैं.
क्या होता है सोन कुत्ता?

सोन कुत्ता एक बेहद खतरनाक जंगली कुत्ते की प्रजाति है, जिसे अंग्रेजी में ढोले (Dhole)कहते हैं और इसका साइंटिफिक नाम Cuon alpinusहोता है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक पीके वर्मा बताते हैं, ” बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र की पनपथा बीट में जब फील्ड स्टाफ गश्त कर रहा था, उसी दौरान सोनकुत्ते का एक झुंड तालाब में पानी पीते हुए नजर आया है. ये दुर्लभ वन्य प्राणियों में से एक है, इसे वाइल्ड डॉग्स के नाम से भी जाना जाता है, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इनका दिखना यहां के पारिस्थिकी तंत्र के लिए शानदार है.”
सीटी बजाकर संकेत देता है सोन कुत्ता
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा आगे बताते हैं, ” जो ये सोन कुत्ता होता है, ये भोंकते नहीं हैं, बल्कि झुंड में एक दूसरे से कम्युनिकेट करने के लिए सीटी बजाते हैं. शिकार करने के लिए भी उसी जगह से सीटी बजाकर कम्युनिकेट करते हैं यही इन्हें खास बनाता है.”
जिंदा शिकार खा जाता है सोन कुत्ता
बांधवगढ़ के उप संचालक बताते हैं कि यह दुर्लभ वन्य प्राणी अपने आचार्य व्यवहार में भी बहुत दुर्लभ है. बाघ या चीता जैसे ज्यादातर मांसाहारी वन्य प्राणी जब शिकार करते हैं तो शिकार को पूरी तरह से मारने के बाद ही उसे खाना शुरू करते हैं, लेकिन ये सोनकुत्ता शिकार के जिंदा रहते ही उसे खाने लगता है. ये शिकार को दौड़ाता जाएगा और पैर में, कमर में और शरीर के पिछले हिस्से में जहां मिलेगा उसे नोंचता खाता जाएगा.”
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Author: mantantra24





