अमूमन देखा गया है कि बरसात के दिनों पर करंट से होने वाली है मौतों में जबरदस्त इजाफा होता है अभी कुछ दिनों पूर्व ही एमसीबी जिले के जनकपुर ब्लॉक में एक फल व्यवसाई की मौत करंट लगने से हो गई थी और बीते दिनों कोरिया जिला के ग्राम पंचायत सकरिया में भी एक महिला की मौत करंट की वजह से हुई थी, लगातार होने वाली इन मौतों का जिम्मेदार आखिर विद्युत विभाग को क्यों ना माना जाए।
विद्युत विभाग की उदासीनता ही माना जाएगा कि खुले में झूलते हुए नंगे तार,ट्रांसफॉर्मर से चिपके हुए नंगे तारों को कहीं भी देखा जा सकता है और यह नंगे तार मृत्यु को आमंत्रित करते हुए दिखाई दिए जा सकते हैं लेकिन लगातार होने वाली मौतों के बाद भी कोरिया और एमसीबी जिले का विद्युत विभाग सुध लेने को अग्रसर नहीं दिखाई देता है शायद विद्युत विभाग के लिए एक आम व्यक्ति की मौत कोई मायने नहीं रखती है।
3 दिनो से टूटा है 11केवी का खंबा,जब विद्युत विभाग नहीं सुना तो ग्रामीण खुद ही करने लगे सुधार कार्य

हाल ही कि यह घटना आपको बता सकती है की विद्युत विभाग लोगों की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है ताजा घटनाक्रम में तहसील पोड़ी के ग्राम पंचायत पैटमा में पिछले 3 दिनों से 11 केवी का खंबा टूट कर लटका हुआ था जिसे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती थी ग्रामीणों ने बार-बर इसकी शिकायत विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से की लेकिन विभाग के किसी भी अधिकारी ने उनकी बातों को सुनना सही नहीं समझा नतीजतन ग्रामीणों ने खुद से ही उस 11 केवी के विद्युत तार को सुधारने का जिम्मा उठाया और चढ़ बैठे खंभे के ऊपर।

किसी तरह से ग्रामीणों ने अस्थाई तौर पर उसे सुधार तो दिया लेकिन अगर इसी बीच पर कोई बड़ी घटना हो जाती तो उसका जिम्मेदार किसे माना जाता। क्यों नहीं ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाती है जो आम लोगों की जान से खिलवाड़ करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखते।
करंट से मरने पर है 4:50 लाख रुपए के मुआवजे का प्रावधान
छत्तीसगढ़ के हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि अगर विद्युत विभाग की गलती से किसी आम नागरिक की मौत होती है तो उसे 4:50 लाख रुपए का मुआवजा देना होगा लेकिन लोगों के बीच इसकी जानकारी का आभाव कहे या विद्युत विभाग की चालाकी कि अभी तक होने वाली इतनी मौतों पर ना तो किसी तरह का मुआवजा दिया गया है और ना ही लोगों को इस बारे में विद्युत विभाग बताता है क्योंकि उसे पता है कि अगर लोगों के बीच में यह जानकारी चली जाएगी तो कहीं ना कहीं नुकसान विद्युत विभाग को ही उठाना पड़ेगा। अभी तक के किसी भी प्रकरण में लोगों को मिलने वाली मुआवजा राशि का भुगतान विद्युत विभाग के द्वारा नहीं किया गया है अब देखने वाली बात यह होगी की लोगों की मौत पर विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसी तरह मूकदर्शक बंद कर तमाशा देखते रहेंगे या फिर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ न करते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन जिम्मेदारी पूर्वक करेंगे और जितने भी लोगों की मौत करंट लगने से हुई है उनको मुआवजा दिलाने की ओर कोई पहल करेंगे।
Author: mantantra24





